नासिक से किसी तरह जौनपुर अपने घर पहुंचे मुसहर समाज के युवक को क्वारंटीन करने के लिए एक स्कूल से दूसरे स्कूल पर दौड़ाया गया लेकिन कहीं व्यवस्था नहीं हो सकी तो उसे घर होम क्वारंटीन के लिए घर भेज दिया गया। युवक के पास आवास के नाम पर सिर्फ एक दस वर्ग फीट का छप्पर है। जिसमें पत्नी और उसके दो बच्चे रहते हैं। अब वह घर में कैसे सामाजिक दूरी बनाकर क्वारंटीन हो सकेगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
एक तरफ कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बाहर से आने वाले लोगों को सख्ती से क्वारंटीन किया जा रहा तो दूसरी ओर ऐसी भी हालत है। अगहुआ गांव का पकौड़ी मुसहर नासिक महाराष्ट्र से बुधवार को घर आया, रात भर वह घर पर रहा । सुबह जब बाहर से आए युवक के बारे में जानकारी प्रशासन को हुई तो उसे क्वारंटीन सेंटर भेजने को कहा गया। उसे दोपहर मे सर्वोदय इंटर कालेज मीरगंज बुला लिया गया। इधर कोरोना निगरानी टीम जब उसके घर पहुंची तो बताया गया वह उसे सर्वोदय इंटर कालेज बुलाया गया था वह वहीं पर गया है।
स्वास्थ्य टीम इंटर कालेज पहुंची तो वह बाहर गेट पर खड़ा मिला। वहीं पर उसकी थर्मल स्क्रीनिंग हुई। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि सर्वोदय इंटर कालेज मीरगंज अभी क्वारटीन सेंटर नही बन सका है। उसे गांव के प्राथमिक विद्यालय भेज दिया जाए। पुलिस उसे लेकर प्राथमिक विद्यालय पहुंची तो ग्राम प्रधान ने कहा कि चाभी नहीं है। उसकी देखभाल कौन करेगा। लिहाजा उसे घर भेज दिया गया। स्वास्थ्य टीम के चिकित्सक डॉ. बीएल यादव ने बताया कि जब तक उसकी व्यवस्था नही हुई है तब तक होम क्वारंटीन रहने का निर्देश दिया गया है। अब सवाल उठता है कि दस वर्ग फीट के छप्पर में वह कैसे सामाजिक दूरी का पालन कर सकेगा।