बरसात के मौसम में उमस और बदलते तापमान के बीच वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सिद्धिकपुर मेडिकल कॉलेज में इन दिनों करीब 60 प्रतिशत वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। सामान्य दिनों में जहां 50 से 70 मरीज पहुंचते थे, वहीं इन दिनों यह संख्या बढ़कर 200 से 250 तक पहुंच गई है। जनरल मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जलभराव, दूषित पानी और मच्छरों के कारण वायरल संक्रमण के साथ ही मलेरिया, डेंगू और टायफायड जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लगातार तीन दिन तक बुखार रहने पर इसे सामान्य वायरल मानकर नजर अंदाज न करें। डॉक्टरों से सलाह लेकर सीबीसी जांच जरूर कराएं।
इन बातों का रखे ध्यान
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें
- दूषित पानी के सेवन से बचें और साफ पानी का इस्तेमाल करें
- खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें
- बुखार लगातार तीन दिन से ज्यादा रहे तो डॉक्टर से परामर्श लें रक्त की जांच कराएं।
इन लक्षणों को न करें नजर अंदाज
वायरल बुखार के साथ गले में खराश
बार-बार गला सूखना, थकान और सांस फूलने जैसी शिकायत हो सकती है
तीन दिन से ज्यादा समय तक बुखार बना रहे तो खुद से दवा न लें
विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें, पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीएं
तरल पदार्थों का खूब सेवन करते रहें।