जौनपुर, करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 27 वां दीक्षांत समारोह महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में बृहस्पतिवार को मनाया गया। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर के 81 मेधावियों को स्वर्ण पदक और 222 को शोध उपाधि दी। घड़े में जल भरकर जल संचयन का संदेश दिया। गतिमान पत्रिका का लोकार्पण किया।
कुलाधिपति ने कहा कि गुणवत्ता वाले शोध को बढ़ावा देने की जरूरत है। बिना शोध के देश का विकास नहीं होगा। शिक्षक समय से कक्षा में पहुंचे और गांव स्तर तक शिक्षा का प्रसार हो तब देश विश्व गुरु बनेगा। गोल्ड मेडल पर 73 प्रतिशत छात्राओं का कब्जा है। इस बार भी छात्र पीछे रह गए। विश्वविद्यालय समय से परीक्षा और प्रैक्टिकल कराए और समय से रिजल्ट घोषित करे। उन्होंने कहा कि अगले सत्र से दीक्षांत समारोह जून या जुलाई में कराया जाएगा। समारोह में कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल और मुख्य अतिथि राजेंद्र सिंह ने 80 मेधावियों को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर 81 स्वर्ण पदक दिया। स्नातक स्तर पर 23 एवं परास्नातक स्तर पर 58 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिला। 222 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि प्रदान किया। कार्यक्रम को उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, कुलपति डॉ. वंदना सिंह ने भी संबोधित किया।
जर्मनी का उदाहरण देकर राज्यपाल ने समझाया
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां गर्भवती माताओं को शिक्षा दी जाती है ताकि उसका बच्चा पैदा होने के बाद शिक्षित और संस्कारित बने। इस काम का प्रमाण हमारे यहां महाभारत काल के अभिमन्यु हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के डिग्रियों को डिजिलॉकर में रखने का एकमात्र उद्देश्य यह है कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न होने पाए।
भविष्य की चुनौतियों से निबटने के लिए जल संरक्षण जरूरी
समारोह के मुख्य अतिथि पीपल्स वर्ल्ड कमीशन आन ड्राउट एंड फ्लड स्वीडन एवं तरुण भारत संघ राजस्थान के चेयमैन डा. राजेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षक पहले शिक्षक बनने की कोशिश करें। ज्ञान का अभ्यास करें तब छात्र उस परिवेश में ढलेंगे। शिक्षा हमें कुछ सीखने के लिए प्रेरित करती है, जबकि विद्या स्वयं लेनी पड़ती है। कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निबटने के लिए जल संरक्षण जरूरी है। धरती का पेट खाली हो रहा है। आजीविका और जीवन खतरे में है। छात्रों को इसे पोषित करने का संकल्प लेना होगा।
बच्चों को दिया उपहार, आंगनबाड़ी केंद्रों को किट
कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने कक्षा 5 से 8 में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल बैग, फल, स्टेशनरी के सामान, महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें आदि दीं। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर. देवकली, सुल्तानपुर एवं जासोपुर गांव में आयोजित खेल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले चार बच्चों को पुरस्कार मिला। गोद लिए गए दस आंगनबाड़ी केंद्रों पर ट्राइसाइकिल, झूला, स्टोरी बुक, व्हाइट बोर्ड, कुर्सी का किट वितरित किया।
डिजिलॉकर में अपलोड हुईं डिग्रियां
दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने आईपैड का बटन दबाकर 2022-23 की स्नातक और स्नातकोत्तर की एक लाख 62 हजार 687 डिग्रियों को डिजिलॉकर में अपलोड करने का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि डॉ. राजेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर में भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी ग्रामीण विकास संस्थान का उद्घाटन किया।
रामनरेश प्रजापति को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक
करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 27 वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एमए जनसंचार के छात्र रामनरेश प्रजापति को वर्ष 2023 के लिए अमर उजाला के नवोन्मेषक अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक प्रदान किया। जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर उन्हें यह पदक मिला। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2019 में यह स्वर्ण पदक देने की शुरुआत की थी। सत्र 2022-23 में उन्हें पत्रकारिता में सर्वाधिक 69.6 प्रतिशत अंक मिले हैं।
इनकी रही मौजूदगी
दीक्षांत समारोह में शामिल होने आईं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का हेलिपैड पर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. वंदना सिंह, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने स्वागत किया। कुलसचिव महेंद्र कुमार के नेतृत्व में शोभा यात्रा निकाली गई। समारोह में जनपद न्यायाधीश वाणी रंजन अग्रवाल, राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी, मछलीशहर विधायक रागिनी सोनकर, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू, सीडीओ साईं तेजा सीलम, बीएसए डा. गोरखनाथ पटेल, सहायक कुलसचिव अजीत सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, डा. आलोक सिंह, डा. अवेध द्विवेदी, प्रो. मानस पांडेय, डा. राजेश शर्मा, डा. सुनील कुमार आदि मौजूद थे। संचालन डा. मनोज मिश्र ने किया।