चार दिनों तक ग्रामीण इलाकों में भ्रमण कर शासकीय योजनाओं की हकीकत जानने के बाद रविवार को प्रशिक्षु आईएएस अफसरों ने रविवार को जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी से मिलकर उनसे अपना अनुभव साझा किया।
जिलाधिकारी के आवास पर पहुंचे प्रशिक्षु अफसरों ने डीएम को और डीएम ने प्रशिक्षु अफसरों को स्मृति चिह्न प्रदान किया।लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक एकेडमी, भारत सरकार मसूरी से 24 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों का दल 03
नवंबर को जिले में पहुंचा था। छह-छह की टोली में इन ट्रेनी अफसरों को चार अलग अलग गांव में भेजा गया था। खुटहन ब्लाक के मुबारकपुर, करंजाकला ब्लाक के काफरपुर , धर्मापुर ब्लाक के गजना और सिरकोनी ब्लाक के मनहन गांव में
इन प्रशिक्षु अफसरों को ठहरने के इंतेजाम किए गए थे। यहां चार दिनों तक रहकर सोशल सेक्टर से संबंधित शासकीय योजनाओं का धरातल पर हो रहे क्रियान्वयन की हकीकत जानी।
रविवार को डीएम के आवास पर पहुंचे इन अफसरों के साथ आयोजित चाय पार्टी में सीडीओ पीसी श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक रामजी सिंह यादव, एडीएम वित्त व राजस्व रजनीश चन्द्र और डीडीओ तेज प्रताप मिश्र आदि शामिल थे। प्रशिक्षु
अफसरों ने कहा कि जिले में गांव के लोगों से मिलकर उन्हें एक अलग तरह का अनुभव प्राप्त हुआ है। यहां के लोगों से थोड़े दिन में ही मिले प्यार को वह कभी भूल नहीं पाएंगे। जहां भी रहेंगे उन्हे जौनपुर के ग्रामीण इलाकों में चार दिनों तक
बिताए पल याद रहेंगे। अटाला मस्जिद, शाही किला जैसी ऐतिहासिक इमारतों की खूबसूरती भी इन प्रशिक्षु आईएएस के दिलो दिमाग में छा गई।