जौनपुर। बक्सा थाना क्षेत्र में विवाहिता की दहेज के लिए हुई हत्या के मामले में जिला जज मदन पाल सिंह ने पति को दोषी पाते हुए दस वर्ष कारावास एवं 5500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन कथानक के अनुसार वादी शिवम अग्रहरि ने अपनी बहन जागृति की शादी 18 अप्रैल 2016 को मनीष अग्रहरि निवासी कौलिया थाना बक्सा से किया था। विवाह में काफी उपहार दिया था। विवाह के बाद पति मनीष, ससुर राम पलट व सास रीता दहेज में दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित करते थे। वादी की बहन सबकुछ सहते हुए रहती रही। बहन को एक बच्ची भी पैदा हुई। 12 जनवरी 2018 को सुबह दस बजे वादी के मोबाइल फोन पर बहन के देवर सतीश ने फोन किया कि जागृति भाभी की तबीयत खराब है। जल्द से जल्द घर चले जाइए। वादी बहन के ससुराल पहुंचा तो देखा उसका शव घर में पड़ा था। उसके गले में रस्सी से कसने जैसा निशान था। ससुराल वालों ने वादी की बहन की दहेज के लिए हत्या कर दी। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने पाया कि मृतका को इतना प्रताड़ित किया गया कि उसने आत्महत्या कर लिया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पति मनीष को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई।