दहेज के लिए पत्नी को मारा, दस साल की जेल
- चंदवक थाना क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व हुई थी विवाहिता की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ महेंद्र सिंह ने आरोपी पति को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला चंदवक थाना क्षेत्र का है।
शोभनाथ यादव निवासी आजमगढ़ ने चंदवक थाने में केस दर्ज कराया था कि उसकी भतीजी किरन की शादी 2013 में चंदवक निवासी शिव प्रकाश से हुई थी। विवाह में काफी रुपये व सामान दिए गए थे। विवाह के बाद किरण को उसके पति व सास-ससुर दहेज में दो लाख रुपये की मांग को लेकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर जलाकर उसकी हत्या कर दी।
नौ सितंबर 2015 की शाम छह बजे मृत्यु की सूचना दी गई। मायके वाले पहुंचे तो ससुराल के लोग शव छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। सरकारी वकील संजय श्रीवास्तव व राजेश श्रीवास्तव एडवोकेट ने अभियोजन पक्ष से पैरवी की। कोर्ट ने सभी साक्ष्यों को देख एवं दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी पति को दहेज की मांग-उत्पीड़न तथा दहेज हत्या करने का दोषी पाते हुए दंडित किया है।
------
पति समेत चार पर दर्ज होगा हत्या का केस
- मृतका के भाई के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। सरपतहा थाना क्षेत्र में महिला की मौत के मामले में सीजेएम ने पति समेत चार पर हत्या का केस दर्ज करने का आदेश दिया है। सुल्तानपुर निवासी रामअशीष प्रजापति ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत अधिवक्ता अरूण प्रजापति के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया था। उसका कहना था कि उसकी बहन माला की शादी सरपतहा के बूढ़ूपुर निवासी झूरी के साथ 16 वर्ष पूर्व हुई थी। 22 दिसंबर को माला अपने पति के साथ दिल्ली जा रही थी। आरोप है कि जब वह शाहगंज पहुंची तो झूरी के भाई शंकर व रामबक्श, उसकी पत्नी स्टेशन पर आए और दोनों को वापस घर ले गए। आरोपियों ने एक राय होकर माला की हत्या कर दी। फोन पर सूचना मिली कि माला ने फांसी लगाकर जान दे दी है। ससुराल पहुंचने पर पता चला कि वह लोग शव को जलाने के लिए ले गए हैं। नाले के पास पहुंचने पर आरोपी माला का शव वहीं छोड़कर रफूचक्कर हो गए। पुलिस ने प्रार्थना पत्र देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की तो उसने कोर्ट में गुहार लगाई।