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जौनपुर में दर्दनाक हादसा: दूध गर्म करते वक्त सिलिंडर में रिसाव से लगी आग, मां-बेटे समेत चार की मौत, पिता गंभीर

Thu, 23 Jun 2022 04:14 PM IST
उत्पल कांत संवाद न्यूज एजेंसी, जौनपुर

सार

यूपी के जौनपुर जिले के केवटली गांव में गुरुवार अलसुबह दर्दनाक हादसा हो गया। रसोई गैस सिलिंडर में लगी आग ने कहर बरपाया। आग की चपेट में आने से मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। 
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आग में झुलसे लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से दर्दनाक घटना सामने आई है। केवटली गांव में गुरुवार अल सुबह रिसाव से गैस सिलिंडर में आग लग गई। आग की चपेट में आकर दंपती और उनके बच्चों समेत पांच लोग झुलस गए। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मां-पुत्र समेत तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं एक व्यक्ति और उसके तीन साल के बेटे की हालत गंभीर थी, लेकिन इलाज के वक्त बेटे की भी मौत हो गई। घटना से गांव में मातम पसर गया है। 
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महराजगंज थाना क्षेत्र के केवटली गांव निवासी अखिलेश विश्वकर्मा (30) की पत्नी नीलम (28) गुरुवार अलसुबह रिहायशी छप्पर में बने रसोई घर में दूध गर्म करने के लिए गई। उसी छप्पर में उसके दो बच्चे शीवांस (5),  युवराज (3) और पति अखिलेश सो रहे थे। नीलम ने जैसे ही माचिस जलाई कि सिलिंडर में आग लग गई। देखते ही देखते आग छप्पर तक पहुंच गई। 

देखते ही देखते आग हो गई भयावह
आग तेजी से धधकने लगी तो नीलम तुरंत वहां से भागी और मदद के लिए गुहार लगाने लगी। पति और दोनों बच्चे आग में घिरे थे जिन्हें बचाने के लिए नीलम अंदर दाखिल हुई और वो भी आग में घिर गई। चीखपुकार सुनकर अखिलेश का बड़ा भाई सुरेश (32) पहुंचा। आग इतना भयावह रूप ले चुकी थी कि उसके सामने टिक पाना मुश्किल हो रहा था। 
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घटनास्थल पर विलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
घर वालों का शोर-शराबा व घर से उठते धुएं को देख आस-पास के लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस को सूचना दी गई और छप्पर को किसी तरह से तोड़कर आग में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। मौके पर जुटे ग्रामीणों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया गया और अंदर फंसे पति-पत्नी समेत दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया। परिजनों को बचाने की कोशिश में सुरेश भी गंभीर रूप से झुलस गया। छप्पर में रखा गृहस्थी का सारा सामान भी जलकर राख हो गया। 
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पीड़ित परिवार के घर पहुंचे ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
 मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से झुलसे लोगों को स्थानीय सीएचसी पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर नीलम, उसके बेटे शीवांस (5) और जेठ सुरेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अखिलेश और उसके तीन साल के बच्चे को बीएचयू में भर्ती कराया गया जहां बेटे की मौत हो गई। फिलहाल अखिलेश का इलाज चल रहा है। सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया। 
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