घटनास्थल पर विलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
घर वालों का शोर-शराबा व घर से उठते धुएं को देख आस-पास के लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस को सूचना दी गई और छप्पर को किसी तरह से तोड़कर आग में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। मौके पर जुटे ग्रामीणों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया गया और अंदर फंसे पति-पत्नी समेत दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया। परिजनों को बचाने की कोशिश में सुरेश भी गंभीर रूप से झुलस गया। छप्पर में रखा गृहस्थी का सारा सामान भी जलकर राख हो गया।
पीड़ित परिवार के घर पहुंचे ग्रामीण
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मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से झुलसे लोगों को स्थानीय सीएचसी पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर नीलम, उसके बेटे शीवांस (5) और जेठ सुरेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अखिलेश और उसके तीन साल के बच्चे को बीएचयू में भर्ती कराया गया जहां बेटे की मौत हो गई। फिलहाल अखिलेश का इलाज चल रहा है। सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया।