फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य निदेशक ने चार मरीजों के पीडितों का दर्ज किया बयान

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य निदेशक ने चार मरीजों के पीडितों का दर्ज किया बयान
विज्ञापन

- मरीजों के रेफर करने में हुए खेल की जांच को तीन टीमें गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
बदलापुर। जिला अस्पताल से गंभीर मरीजों को वाराणसी के एक निजी अस्पताल में रेफर करने के मामले की जांच मुख्यमंत्री ने शुरू करा दी है। बदलापुर विधायक की शिकायत पर जांच के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। तीनों टीमें अलग-अलग जांच करेंगी। प्रदेश के स्वास्थ्य निदेशक अशोक शुक्ला ने बदलापुर पहुंच कर पीडितों का बयान दर्ज किया। जिला अस्पताल आकर जरुरी जानकारी हासिल की।
विज्ञापन

स्वास्थ्य निदेशक ने विधायक रमेश चंद्र मिश्र के कैंप कार्यालय पर पीड़ित चार मरीजों का बयान भी लिया। घनश्यामपुर निवासी अतुल तिवारी के परिजनों ने बताया कि दुर्घटना में घायल अतुल को जिला अस्पताल से वाराणसी ट्रामा सेंटर के लिए भेजा गया, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने निजी एंबुलेंस संचालक से मिलीभगत कर उसे नोवा हास्पिटल शिवपुर भेज दिया। मरीज की मौत के बाद भी छह लाख रुपये का बिल वसूला गया। बदलापुर के रूपचंदपुर गांव के सुरेश कुमार के परिजनों ने भी बताया कि दुर्घटना में घायल सुरेश को सीएचसी बदलापुर से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे नोवा हास्पिटल भेजा गया। इलाज के लिए चार लाख रुपये लिए गए। सुरेश की मौत हो गई। इसके बाद भी दो लाख बीस हजार रुपये की मांग की गई। पैसा देने में असमर्थता जताने पर शव देने से इनकार कर दिया गया। किसी तरह दो लाख रुपये जुटाकर दिए, तब तीन दिन बाद जब शव मिला तो उससे दुर्गंध आ रही थी। उमरी खूर्द निवासी सोनू यादव और मडियाहूं के कुंभ निवासी धर्मराय यादव के परिजनों ने भी बयान दिया। उनकी भी उसी अस्पताल में मौत हुई थी। बयान दर्ज करने के बाद स्वास्थ्य निदेशक लखनऊ चले गए। उधर, सीडीओ अनुपम शुक्ल और सीएमओ डॉ. राकेश कुमार ने भी मामले की जांच की। एक अन्य टीम वाराणसी के कमिश्नर और जेडी के नेतृत्व में बनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें