जौनपुर। हीट वेब (लू)को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। इस साल हीट स्ट्रोक की घटनाएं अधिक होने की संभावना जताई जा रही है। शासन के निर्देश के बाद जिला अस्पताल के आई वार्ड में दस बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड बना दिया गया है। हालांकि वार्ड में अभी तक कोई भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है।
तपती गर्मी को देखते हुए चिकित्सकों को निर्देश जारी किया गया है कि हीट स्ट्रोक के मरीज को तुरंत भर्ती कर इलाज करें। एंबुलेंस संचालकों को भी निर्देश दिया गया है कि हीट स्ट्रोक के मरीज को तुरंत अस्पताल में में भर्ती कराएं। इमरजेंसी में चिकित्सक मरीज को पहले ग्लूकोस की बोतल चढ़ाते हैं, जिससे शरीर में पानी का स्तर सामान्य हो। इसके बाद आवश्यकतानुसार मरीज को ऑक्सीजन लगाया जाता है। साथ ही एंटीबायोटिक दवाओं के साथ ही इंजेक्शन लगाया जाता है, ताकि स्थिति नियंत्रित की जा सके। मरीज की हालात स्थिर होने पर उसे हीट स्ट्रोक वार्ड में शिफ्ट किया जाता है।
जरूरी काम से ही दोपहर में घर से निकलें
दोहपर की भीषण गर्मी और लू को देखते हुए चिकित्सकों ने सलाह दी है कि बिना किसी जरूरी काम घरों से न निकलें। अगर निकलते हैं तो ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। घर से बाहर निकलना ही हो तो सिर पर टोपी, गमछा, छाता आदि लेकर ही निकलें। शरीर में पानी की मात्रा सामान्य बनाए रखने के लिए खूब पानी पीते रहें। नशीले पदार्थ, शराब, चाय एवं काफी का सेवन न करें। अधिक श्रम वाले काम करते समय बीच में थोड़ा आराम अवश्य करें। घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, छाछ, नींबू पानी, आम का पन्ना आदि का सेवन करें।
ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क
यदि शरीर का तापमान अधिक बढ़ जाए, पसीना ना हो, मांसपेशियों में ऐंठन शुरू हो जाए, चक्कर जैसा महसूस होने लगे, अत्यधिक कमजोरी हो तो तत्काल प्राथमिक उपचार करें। ठंडे पानी में डूबोकर सूती कपड़े से शरीर की सिकाई करते रहें। ठंडे स्थान पर रहें। ज्यादा तबीयत खराब हो तो इधर-उधर से दवा न लेकर अस्पताल में दिखाएं।
वर्जन
हीट स्ट्रोक की घटनाओं से बचाव और मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल के आई वार्ड में 10 वेड का हीट स्ट्रोक वार्ड स्थापित किया गया है। इलाज के काम आने वाली सभी दवाएं पहले से उपलब्ध करा दी गईं हैं। डाॅक्टरों को भी अलर्ट कर दिया गया है। - डाॅ. केके राय, सीएमएस जिला अस्पताल जौनपुर