जौनपुर। जिले की साइबर क्राइम और कोतवाली पुलिस ने ठगी के एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो 2019 से अब तक 150 लोगों को ठग चुका है। ठगी के शिकार लोगों में एक-एक फिलीपींस और नेपाल के व्यापारी भी शामिल हैं। अब तक एक से डेढ़ करोड़ रुपये कमाकर वह लग्जीरियस जिंदगी जी रहा है। एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि जलालपुर थानाक्षेत्र के कबूलपुर निवासी प्रियम श्रीवास्तव (हनी) को ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की उम्र 32 साल है। उसके पिता राजकुमार श्रीवास्तव घर पर ही रहते हैं। जबकि मां आशा कार्यकर्ता हैं। हनी ने 2019 में नेपाल के व्यापारी से 14 लाख रुपये की ठगी की। हालांकि दबाव बनाने पर पांच लाख रुपये छोड़कर शेष रकम वापस कर दी। इसके बाद उसका मनोबल बढ़ गया और उसने प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से फर्जी ऑनलाइन फर्म बनाकर ठगी का खेल शुरू कर दिया। पोस्ट ग्रेजुएट हनी ने फिलीपींस के भी एक व्यापारी से सात लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी। एएसपी के मुताबिक आरोपी अब तक 150 लोगों से ठगी कर करोड़पति बन गया है। वह 2021 में अपने पसंद की लड़की से खुद के खर्चे से शादी की और एक अच्छी जिंदगी जाने लगा। उसने चार कमरों का एक मंजिला शानदार घर भी बनवाया और लग्जरी कार भी फाइनेंस करा ली। अपने साथ चार मोबाइल फोन भी रखता था और उसके हाव-भाव भी अलग ही देखने को मिलते थे। एएसपी ने बताया कि हनी पर पहले भी धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मामले दर्ज हैं। ये केस थाना जार्ज टाउन जिला कमिश्नरेट प्रयागराज, जौनपुर में शहर कोतवाली और जलालपुर जौनपुर, वाराणसी के लालपुर, पांडेयपुर में दर्ज हैं। एएसपी ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर आरोपी के खिलाफ देशभर में कुल 21 ऑनलाइन शिकायती पत्र पड़े हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी द्वारा प्रयुक्त बैंक खाते की जांच में पता चला कि वर्ष 2021 से अब तक एक करोड़ से ज्यादा फर्जी ट्रांजेक्शन हुए हैं। एएसपी सिटी के मुताबिक अभियुक्त प्रियम श्रीवास्तव फर्जी तरीके से राजरिता नाम से ऑनलाइन फर्म बनाया। इसके बाद उस पर ए-4 साइज पेपर व नोट बुक डिलीवर करने का झांसा देकर ऑर्डर लेता। थोक में नामचीन कंपनियों के ए-4 साइज पेपर को कम दाम में बेचने का ऑफर देता, जिसके बाद ऑइनलाइन व्यापारियों का नंबर प्राप्त कर उनसे डील करता। वह इसके लिए एक्स पोर्टर इंडिया व इंडिया मार्ट जैसे प्लेटफाॅर्म का इस्तेमाल करके ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से ग्राहक खोजता। एएसपी सिटी के मुताबिक वह अपनी फर्म और माता-पिता और घरवालों के बैंक अकाउंट में पैसे मंगवा लेता। जब ग्राहक डिलीवरी के लिए संपर्क करते तो एनवायस मेकर एप के माध्यम से अपने राजरिता फर्म का फर्जी बिल बनाता। पिक्सआर्ट एप के माध्यम से ऑनलाइन डीटी डीसी कुरियर की फर्जी बिल्टी बनाकर उनके व्हाट्सएप नंबर पर भेज देता लेकिन माल डिलीवर नहीं करता।
गिरफ्तार आरोपी की कार। संवाद
गिरफ्तार आरोपी की कार। संवाद