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हजरत अली ने अमन और शांति का संदेश दिया

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जौनपुर। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद के दामाद हजरत अली की जयंती पर अजमेरी मोहल्ला में स्व. सैय्यद अली शब्बर के आवास पर महफ़िल आयोजित की गई। इसमें हजरत अली के जीवन पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान शायरों ने अपने कलाम पेश किये। उन्होंने कहा कि हजरत अली ने अमन और शांति का संदेश दिया, हमें उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। मौलाना सैय्यद आबिद रजा मोहम्मदाबादी ने मुल्क में अमन, सलामती की दुआएं कराई। वहदत जौनपुरी ने पढ़ा ‘मुमकिन नहीं किसी को भी हो जाए दसतयाब’। कौसर का जाम साकिये कौसर को छोड़ कर। तनवीर जौनपुरी ने पढ़ा- मौला अली रजाए इलाही लिए बग़ैर, उठ्ठे नहीं रसूल के बिस्तर को छोड़ कर। हैदर काजमी ने पढ़ा हर साहबे किरदार के सरदार अली हैं। दुनियां न समझ पाई वो अवतार अली हैं।7 मां बाप की आग़ोश से आग़ोशे लहेद तक। नातिक गाजीपुरी ने कहा हर एक सोख़नवर जबां कांप रही है, लगता है की जैसे पसे दीवार अली हैं। इस अवसर पर वजीह मोहमदाबादी, अदीब जौनपुरी, शादाब जौनपुरी, हेजाब इमामपुरी, इरफ़ान जौनपुरी, आमिर कजगांवीं, कुमैल जौनपुरी, रविश जौनपुरी, ताबिश काजमी, शहेनशाह जौनपुरी, जरग़ाम सैदनपुरी, जीशान अकबरपुरी, अब्बास जौनपुरी, मेंहदी जैदी जौनपुरी, अबू तालिब जौनपुरी आदि ने मौला की शान में कसीदे पढ़े। आभार सैय्यद मोहम्मद मुस्तफा ने व्यक्त किया। संचालन अब्बास काजमी ने किया। शाहगंज के बड़गांव स्थित चाहार रौजा पर मुसलमानों के अमीरुल मोमिनीन हजरत अली की जयंती को मुसलमानों ने हर्षोल्लास के साथ मनाया। बच्चों ने केक काटकर एक दूसरे को खिलाया तो बड़े बुजुर्गों ने एक दूसरे मुबारकबाद दी। हजरत अली की जयंती महफिल में उनकी शान में कशीदे पढ़े गए। गांव में महफिल का आयोजन पूरी रात चलता रहा। महफिल की अध्यक्षता सदरे हुसैनी मिशन सैयद जीशान हैदर ने की। संचालन सहर अर्सी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ तिलावते कुरान ए पाक से किया गया। मौलाना अज्मे अब्बास इमामे जुमा बड़ागांव ने हजरत अली के फजाइल को बयान किया। कार्यक्रम में मौलाना सैय्यद आरजू हुसैन, जैगाम हुसैन, हसन मेंहदी, बब्लू, प्लम्बर, मोहम्मद वारिस हाशमी, दिलशाद आदि मौजूद रहे।
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