तहसील सभागार में मंगलवार को नवागत एसडीएम रानी गरिमा जायसवाल ने कहा कि बार और बेंच एक सिक्के के दो पहलू हैं। इसलिए दोनों के बीच सामंजस्य जरूरी है। तभी वादकारियों को न्याय मिल सकेगा। वह अधिवक्ताओं के परिचय कार्यक्रम के दौरान बोल रही थी। उन्होंने कहा कि बार-बेंच के बीच सामंजस्य से पीड़ित को न्याय जल्द और आसानी से मिल जाता है। इसके बाद अधिवक्ताओं से बारी-बारी से परिचय प्राप्त किया। इस अवसर पर तहसीलदार योगेंद्र कुमार पांडेय, नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजदेव यादव, महामंत्री जीतेंद्र कुमार सिंह, श्री प्रकाश पांडेय, लालता प्रसाद, ज्ञानेंद्र सिंह, विष्णु दत्त शुक्ल, उदधि प्रकाश पाठक आदि उपस्थित रहे।