गुड़हाई में कथा कहते पीठाधीश्वर रुद्रेश्वर महाराज। संवाद
मुंगराबादशाहपुर। श्री रामलीला मैदान गुड़हाई में आयोजित पांच दिवसीय हनुमत कथा एवं दिव्य दरबार के पहले दिन रविवार को पीठाधीश्वर रुद्रेश्वर महाराज और दिगंबर 1008 अजब आनंदपुरी महाराज ने हनुमान चालीसा का महत्व और शिव जी व श्री राम के बाल मिलन की कथा का वर्णन किया। रुद्रेश्वर महाराज ने कहा कि हनुमान चालीसा एक ऐसा ग्रंथ है, जो जीवन के सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। हनुमान जी एक ऐसे देव हैं, जो अपने भक्तों की हर समस्या का समाधान करते हैं और उन्हें जीवन के हर कदम पर साथ देते हैं। महाराज ने कहा कि भगवान राम का जन्म हुआ था, तब शिव जी ने अपने पुत्र कार्तिकेय को भगवान राम की सेवा में भेजा था। कार्तिकेय ने श्री राम को देखकर उन्हें प्रणाम किया और उनकी सेवा में लग गए। हनुमत कथा का आयोजन हमें जीवन के सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है और हमें भगवान की भक्ति की ओर ले जाता है। हमें अपने जीवन में हनुमान की भक्ति को अपनाना चाहिए और उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। कथा के अंत में महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया और उन्हें हनुमान की भक्ति करने की प्रेरणा दी। इस मौके पर यजमान कपूर क्रांति गुप्ता, खुशबू ऊमरवैश्य, आलोक साहू, सुरेंद्र कुमार बच्चा, रंजीत भोजवाल, ऋषभ गुप्ता, मोनू सिंह, राजीव गुप्ता, अभिषेक साहू आदि रहे। बच्चों को संस्कार अवश्य दें ताकि जीवन सुखमय हो : डाॅ. मदन मोहन मिश्र: खेतासराय के पोरई कला ग्राम में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन वाराणसी से आए मानस कोविद डाॅ. मदन मोहन मिश्र ने कहा कि अपने बच्चों को कार दें या न दें, लेकिन संस्कार अवश्य दें। कार से व्यक्ति बड़ा आदमी बनता है जबकि संस्कार से वह भला आदमी बनता है और उसका जीवन सुखमय हो जाता है।
गुड़हाई में कथा कहते पीठाधीश्वर रुद्रेश्वर महाराज। संवाद