06- कोरोना के डर के चलते खाली पड़ा रहा जिला अस्पताल का इमरजेन्सी गेट।
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जौनपुर। कोरोना के संक्रमण को लेकर लोगों में बने भय का असर शनिवार को जिला अस्पताल में भी नजर आया। सामान्य दिनों में साढ़े 12 से 13 सौ मरीजों वाली ओपीडी में सिर्फ 546 मरीज ही पहुंचे। ज्यादातर डॉक्टर के कक्ष में मरीज नहीं थे। वह मरीजों का इंतजार करते रहे। अचानक से कम हुई भीड़ को प्रधानमंत्री की अपील का असर माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने बेहद जरुरी होने पर ही अस्पताल जाने का आह्वान किया था।
मरीजों की भीड़ से पटे रहने वाले अस्पताल में सुबह से ही भीड़ कम दिखी। ओपीडी के लिए काउंटर पर कर्मचारी तो पहुंच गए थे, लेकिन मरीजों की संख्या कम रही। अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1400 की ओपीडी होती थी। शनिवार को महज 546 मरीज ही ओपीडी मे पहुंचे। अस्पताल में अधिक समय तक बैठने के बजाय मरीज दवा लेने के बाद घर के लिए निकल गए। दोपहर 12 बजे ही अस्पताल में सन्नाटा पसर गया। अस्पताल के ओपीडी रजिस्टर में 546 मरीजों का नाम दर्ज किया गया। सीएमएस डॉ.एके शर्मा ने बताया कि अस्पताल में इलाज के लिए शनिवार को मरीजों की संख्या खासी कम रही। मरीजों को पहले से ही सतर्क किया जा रहा था। जिन लोगों को ज्यादा दिक्कत थी वही इलाज के लिए अस्पताल आए थे।
पैथॉलाजी में हुई केवल 50 मरीजों की जांच
जौनपुर। अस्पताल के पैथालाजी में जांच कराने वालों की संख्या भी काफी कम रही। शनिवार को पैथालाजी में जांच के लिए 50 मरीज आए थे। इसमें 40 बाहरी मरीज थे, जबकि 10 ऐसे थे जो अस्पताल में भर्ती है। जांच की संख्या कम होने के कारण 11 बजे ही सन्नाटा पसर गया।