ग्रामीणों के अनुसार अशोक मिश्रा वर्षों से रामचरितमानस का पाठ कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे विभिन्न धार्मिक आयोजनों में मानस गान और कथा वाचन करते थे। उनके दो पुत्र नागपुर में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वे रिश्तेदारी में उनके चाचा लगते हैं और दोनों परिवार धार्मिक आयोजनों में साथ-साथ भाग लेते रहे हैं। ऐसे में घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
तेजी बाजार थानाध्यक्ष सत्येंद्र भाई पटेल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।