जौनपुर। दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में आरोपी और एक लाख के इनामी भोला राजभर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हालांकि भोला की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। कोर्ट ने केवल गिरफ्तारी पर 60 दिनों के लिए रोक लगाई है। साथ ही उसे इस अवधि के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही आरोपी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इन्कार कर दिया।
भोला ने खुद को बेगुनाह बताते हुए दावा किया था कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। लेकिन, कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। अदालत ने एफआईआर रद्द करने की राजभर की मांग को खारिज कर दिया। खंडपीठ ने टिप्पणी की कि प्रथम दृष्टया यह मामला एफआईआर निरस्त करने योग्य नहीं है।
हालांकि, याचिकाकर्ता के अनुरोध पर उसे निचली अदालत में पेश होकर जमानत के लिए आवेदन करने का अवसर प्रदान किया गया। अदालत ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर आरोपी अदालत में पेश नहीं होता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।