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पूविवि के दो शिक्षकों को शोध के लिए 10-10 ग्रांट---

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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के दो शिक्षकों को यूजीसी ने शोध के लिए 10-10 लाख रुपये का अनुदान दिया है। इस प्रोजेक्ट की शोध की अवधि दो वषों की होगी।
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रसायन विज्ञान विभाग के डा. अजीत सिंह एवं भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग के डा. नीरज अवस्थी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से बहुप्रतिष्ठित स्टार्ट-अप ग्रांट के तहत शोध के लिए 10-10 लाख रूपये का अनुदान मिला है। डा.अजीत सिंह ‘पानी से हाइड्रोजन गैस उत्पादन के उत्प्रेरक’ पर शोध करेगें। उन्होंने बताया कि हाइड्रोजन स्वच्छ एवं नवीकरण ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है, एवं विश्व के कई संस्थान पानी से हइड्रोजन उत्पादन की दिशा में काम कर रहे है। वहीं भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग के डा. नीरज अवस्थी ‘यमुना नदी के पथ विस्थापन का सरस्वती नदी एवं सिंधु-हड़प्पा सभ्यता पर प्रभाव’ विषय पर शोध करेगें। डा. अवस्थी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत इस विषय पर शोध किया जाएगा कि क्या वर्तमान यमुना नदी प्राचीन काल में कभी सरस्वती नदी (जो कि हरियाणा-राजस्थान में बहती थी) की सहायक नदी थी एवं क्या यमुना नदी का अपने पूर्व पथ से भटकाव ही सिंधु-हड़प्पा सभ्यता के पतन का कारण बना। विगत एक वर्ष में रज्जू भइया संस्थान के शिक्षकों को यूजीसी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगोकी मंत्रालय से से 4 शोध प्रोजेक्ट मिले हैं, जो 80 लाख से अधिक के है। कुलपति प्रो. राजराम यादव ने शिक्षको को बधाई दी।
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