जौनपुर। श्रमजीवी एक्सप्रेस में विस्फोट के मामले में दोषी करार आतंकवादियों को मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश राय की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई की और सजा सुनाने के लिए बुधवार का दिन तय कर दिया। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप मौर्य ने दोषी करार दोनों आतंकियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग अदालत से की है।
28 जुलाई 2005 को सिंगरामऊ के हरपालगंज रेलवे स्टेशन के समीप हरिहरपुर क्रॉसिंग के पास हुए धमाके में 12 लोग मारे गए थे, जबकि 62 लोग घायल हुए थे। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय की अदालत ने ट्रेन में बम रखने के आरोपी बांग्लादेश के हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन व विस्फोट में सहयोग के आरोपी पश्चिम बंगाल के नफीकुल विश्वास को दोषी करार दिया था। अदालत ने बुधवार को सजा सुनाने की तिथि तय की थी। इसी लिहाज से आतंकियों को कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर करीब 12 बजे अदालत में पेश किया गया। आतंकियों की तरफ से अधिवक्ता ताजुल हसन ने पक्ष रखा।सरकार और पीड़ितों का पक्ष शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप मौर्य ने रखा है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने सजा सुनाने की तिथि तय कर दी।