रूक रुककर हो रही बारिश से आदि गंगा गोमती का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि पानी अभी तक वह खतरे के निशान वाले बिंदु तक भी नहीं पहुंच सका है। केवल आमदिनों की अपेक्षा पानी थोड़ा बढ़ा है। इससे नदी में जलकुंभी व अन्य जलीय पौधे बहते हुए आ गए हैं। पानी मटमैला हो गया है। साथ ही जलस्तर बढ़ जाने से हनुमान घाट पर चल रहे कार्य पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
जिले में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश कभी कभी होती है। सई, बसुई व पीली नदियों का भी जलस्तर कुछ बढ़ गया है। बारिश शुरू होते ही गोमती नदी जलकुंभी से पट गई है। नदी का पानी पूरी तरह से मटमैला हो गया है। नदी में चारों तरफ हरी-हरी जलकुंभी ही दिख रही है। पानी गंदा होने के साथ ही जलकुंभी पटने के कारण स्नान करने लायक नहीं रह गया। स्नान करने के लिए जो लोग पहुंच नदी किनारे पहुंच रहे हैं, नदी के पानी की हालत देखकर वापस लौट जा रहे हैं। मजबूरी में उन्हें घर में स्नान करना पड़ रहा है।