पद्म विभूषण स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि गोमती नदी की सफाई के लिए केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता दिलवाऊंगा क्योंकि वह आदि गंगा हैं।
हमें इसमें मल-मूत्र जाने से रोकना चाहिए। इससे बहुत कुछ समाधान हो जाएगा। वह रूहट्टा स्थित एक वाटिका में स्वच्छ गोमती अभियान अविरल गोमती के तत्वावधान में रविवार को आयोजित अपने नागरिक अभिनंदन समारोह को
बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरजू और गोमती दोनों ऋषि वशिष्ठ की बेटियां हैं। जीवन में सभी लोगों को सामाजिक, साहित्यिक, साधना, सेवा पर अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेआरएच
विश्वविद्यालय चित्रकूट से पढ़कर निकला कोई छात्र बेरोजगार नही रह सकता। उन्होंने कहा कि जौनपुर की जनता ने जो सम्मान दिया है, उसका मैं ऋणी हूं। उन्होंने कहा कि पद्म विभूषण पहली बार जौनपुर के किसी व्यक्ति को मिला
यह जिले का सम्मान है। स्वामीजी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती को भी आना था लेकिन वह बड़ी बहन का निधन होने से नही आ सकीं। समारोह को आईआईटी बीएचयू के पूर्व निदेशक डा. सिद्धनाथ उपाध्याय, न्यूरोलाजी
विभागध्यक्ष डा. विजय नाथ मिश्र, धर्म संस्कृत संकाय बीएचयू के प्रो. रोहतम, दिल्ली विश्वविद्यालय बायो सांख्यिकी विभागाध्यक्ष डा. सीबी मिश्रा ने भी संबोधित किया।
संचालन भाजपा के जिला महामंत्री नीरज गुप्ता ने किया। इसके पहले उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्वच्छ गोमती अभियान की तरफ से स्वामी जी को अंग वस्त्रम और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अभियान के संयोजक गौतम गुप्ता नेे गोमती नदी का पानी स्वामी जी को भेंट किया।