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शाही से सद्भावना पुल के बीच होगा गोमती तट का सुंदरीकरण

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जौनपुर का ऐतिहासिक शाही पुल। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। गंदगी और अतिक्रमण के चलते गोमती के जिस तट पर लोग जाना पसंद नहीं करते हैं वहां अब लोग नौकायन करते नजर आएंगे। नदी के किनारों के सुंदरीकरण की योजना है। शहर के मध्य से गुजरने वाली गोमती दोनों किनारों को सजाकर पर्यटन की सुविधाओं का विकास किया जाएगा। शाही पुल से सद्भावना पुल के बीच नदी में बोटिंग की व्यवस्था की जाएगी। नगर निकाय व मास्टर प्लान विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
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छह सौ वर्ष पुराने शहर को जोड़ने के लिए शाही पुल बनवाया गया था। यह अपने आप में अनूठा पुल है जो दोनों तरफ भूतल पर ही बना है। बाद में सद्भावना पुल का निर्माण हुआ। दोनों पुलों के बीच के ढाई सौ मीटर के क्षेत्र को पर्यटन सुविधाओं के लिहाज से विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। एक तरफ गोपी घाट और दूसरी तरफ हनुमान घाट हैं। दोनों ही घाट पक्के हैं। बीच का दो सौ मीटर हिस्सा कच्चा है। इस हिस्से में लोग कूड़ा-कचरा फेंक देते हैं। मछुआरे मछली मारने के लिए जाल लगाते हैं। कच्चे घाटों पर अतिक्रमण भी बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की योजना इस क्षेत्र को पक्का करके पार्क, लाइटिंग आदि सुविधाएं विकसित करने की हैं।
योजना के तहत नदी के एक तरफ पार्क बनाया जाएगा तो दूसरी ओर पक्का घाट होगा। बेहतरीन लाइटिंग कराई जाएगी। सीढ़ियां बनाई जाएंगी ताकि नीचे नदी तट तक जाने में दिक्कत न हो। सामुदायिक शौचालय, चेंजिंग रूम का निर्माण होगा। शाही पुल से सद्भावना पुल के लिए बीच 10-15 नावें चलाने की तैयारी है। इस परियोजना के लिए 62 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। नगर पालिका के अधिशासी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइनिंग सर्विसेज के जरिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। शासन ने बजट कम करने को कहा है। जल्द ही संशोधित प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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पूर्व में रिवर फ्रंट योजना के तहत गोमती नदी के किनारों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था। 62 करोड़ के इस प्रस्ताव में घाटों पर बैठने की व्यवस्था, पार्क, प्रकाश के लिए लाइट, कैंटीन, शौचालय, फाउंटेन, झूला आदि की व्यवस्था की जानी थी। अब सरकार ने इसका बजट घटाते हुए संशोधित प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है। शासन के निर्देशों के तहत शीघ्र ही नया प्रस्ताव भेजा जाएगा। -महेंद्र यादव, प्रोजेक्ट मैनेजर, सीएंडडीएस।
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