शहर में गोमती नदी के उत्तरी इलाके के लोग विषाक्त पानी पीने के लिए मजबूर हैं। दर्जन भर इलाकों में पानी का टोटल डिजाल्व सालिड (टीडीएस) ढाई हजार से अधिक तक पहुंच गया है। इससे करीब एक लाख की आबादी विषाक्त पानी पीने के लिए मजबूर है। इस इलाके के लोग हृदय और सुगर के मरीज हो रहे हैं।
गोमती नदी में जल सूख गया है। पूरी नदी गंदे नालों के पानी से भर गई है। जलस्तर काफी नीचे खिसक जाने से गोमती के उत्तरी इलाके भंडारी स्टेशन, रास मंडल, मधारेटोला, मुल्ला टोला, अटाला, उर्दू बाजार, चहारसू, हरदीपुर, सुक्खीपुर, शकरमंडी, पानदरीबा, मखदूमशाह अढ़न में पानी के टीडीएस की मात्रा 1200 से 2800 तक पहुंच गई है।
सबसे खराब स्थिति भंडारी इलाके की है। अमित मेहरोत्रा बताते हैं कि फेंट कंपनी यूरेका फोर्ब्स ने आरओ लगाने के लिए इस इलाके में कई जगह जांच की, जिसमें इसका खुलासा हुआ। आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों की जांच में गोमती नदी के हनुमान घाट पर 2180, दुमुहिया नाला के पास 2340 और बजरंग घाट पर 2300 से अधिक टीडीएस पाया गया। इससे गोमती के उत्तरी क्षेत्र में रहने वाले लोग वायरल, टायफाइड, कालरा, पीलिया समेत अन्य घातक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।