स्वच्छ भारत मिशन के तहत नेता, अधिकारी, कर्मचारी सभी सफाई का संदेश देते अक्सर देखे जाते हैं। यही नहीं कार्यालय की दीवारों के बाहर भी बड़े-बड़े अक्षरों में स्वच्छता को लेकर संदेश लिखे जाते हैं। लेकिन ये लोग उनका खुद कितना पालन करते हैं, यदि यह देखना हो तो जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में आइए। यहां बना शौचालय बीते पांच वर्षों से अधिक समय से बंद है। मूत्रालय टूटे हैं। नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं और हर तरफ कूड़े का ढेर है। इनसे निकलने वाली दुर्गंध से रोजाना कलेक्ट्रेट परिसर आने वाले परेशान हैं। हद तो यह है कि यहां जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सीडीओ, एडीएम, एसडीएम सभी बैठते हैं, लेकिन इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है।
अभियोजन कार्यालय के पास कूड़े का ढेर
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अभियोजन कार्यालय के पास कूड़े का ढेर है। यहां प्रतिदिन 500 से 1000 लोगों का आना-जाना होता है। इसके पीछे मूत्रालय बना है जो टूटा है। मजबूरन लोगों को परिसर के बाहर जाना पड़ता है। इसकी शिकायत भी लोगों ने की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
कार्यालय की दीवारों पर पान की पीक के निशान
कलेक्ट्रेट परिसर में ही विकास भवन स्थित है। इस बिल्डिंग को कुछ दिन पहले ही रंग पेंट कर सजाया गया था। इसके बावजूद कर्मचारियों की खराब आदत के कारण दीवारें लाल दिखने लगीं। विकास भवन परिसर की दीवारों पर पान की पीक के निशान कई जगह देखने को मिलेंगे। यह स्थिति तक है जब सीडीओ भी यहीं इसी बिल्डिंग में बैठते हैं।
मामला आपके माध्यम से संज्ञान में आया है। जल्द ही साफ सफाई कराई जाएगी।
- हरिश्चंद यादव, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका जौनपुर