करीब तीन बजे छुट्टी हुई तो सभी बच्चे स्कूल से घर चले गए। प्रियंका के भाई-बहन भी घर चले गए। इसके बाद शिक्षक और कर्मचारी स्कूल में ताला बंद कर निकल गए। इधर, जब प्रियंका घर नहीं आई तो मां ने बच्चों से उसके बारे में पूछा। पता चला कि वह तो स्कूल से आई ही नहीं। किसी अनहोनी की आशंका में खोजबीन शुरू हुई। करीब डेढ़ घंटे के बाद प्रियंका स्कूल की तरफ से आ रही थी। उसे देख मां सहित अन्य लोगों ने राहत की सांस ली।
मां नीलम ने बताया कि बच्ची कक्ष के अंदर से ही रो रही थी तो आस-पास के लोग सुनकर पहुंचे। वहां दरवाजे को तोड़ा गया और उसे बाहर निकाला गया। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। खंड शिक्षा अधिकारी बदलापुर को जांच के लिए कहा गया है। उनसे आख्या लेकर लापरवाही शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी।