जौनपुर। लव जिहाद के मामले में पुलिस ने डराकर पीड़ित लड़की से दीवानी न्यायालय में मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी के पक्ष में बयान दिलवाने का आरोप लगा है। इस बयान के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म और पाक्सो के बजाय अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया। बयान बदलवाने का खुलासा तब हुआ जब लड़की कोर्ट के आदेश पर अपने परिजनों के सुपुर्दगी में पहुंची। उसके पिता ने पुलिस अधीक्षक से थानाध्यक्ष सुजानगंज, विवेचक एवं महिला सिपाही के खिलाफ कार्रवाई करने और निष्पक्ष विवेचना कराने की मांग की है।
सुजानगंज थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने दरखास्त दिया है कि 30 अगस्त 2019 को स्कूल से आते समय उसकी 16 वर्षीय पुत्री का सौरफ ने अपहरण कर लिया। तीन सितंबर को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई। नासिक में पुलिस ने दोनों को बरामद किया और सुजानगंज लाई। थाने पर लड़की ने बहला-फुसलाकर ले जाने और दुराचार करने का बयान दिया। इसके बाद सुजानगंज थानाध्यक्ष, विवेचक और महिला पुलिस ने लड़की को अभिरक्षा में रखा। लड़की को चार-पांच दिन तक अभिरक्षा में रखा गया और उससे डराकर मनमाफिक बयान देने को कहा गया। इसके बाद न्यायालय में बयान कराया। इस बीच वादी व उसके परिवार वालों को लड़की से मिलने नहीं दिया। एक अक्टूबर को न्यायालय ने लड़की उसे सुपुर्द की तब उसने सारी बात बताई। इस बीच दो अक्टूबर को केवल अपहरण की धारा में पुलिस ने उसका चालान न्यायालय भेज दिया गया।