मछलीशहर। प्रशासनिक कवायद के बाद पांच शनिवार को आधी रात के बाद घुररू बिंद का शव उनके पैतृक आवास पर पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों के अंतिम दर्शन करने के बाद जौनपुर के रामघाट में दाह संस्कार करवा दिया। घुरहू के ज्येष्ठ पुत्र धीरज ने मुखाग्नि दी। शनिवार की रात लगभग डेढ़ बजे डीएम द्वारा अधिकृत मत्स्य विभाग के अधिकारी पुलिस के साथ शव लेकर घुरहू बिंद के आवास पर पहुंचे। शव पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। रोते बिलखते परिवार के लोगों ने एंबुलेंस में ही अंतिम दर्शन किया। शव से उठ रही दुर्गंध के चलते मौके पर जुटे लोगो ने दूर से ही प्रणाम किया । आधे घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारी शव के साथ जौनपुर के रामघाट पर पहुंचे जहां भोर में मृतक के ज्येष्ठ पुत्र धीरज बिंद ने मुखाग्नि दी। शव आने से लेकर दाह संस्कार करने तक प्रशासनिक अधिकारी चौकन्ने रहे। जॉइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ, सीओ प्रतिमा वर्मा, तहसीलदार रवि रंजन कश्यप, ईओ विजय सिंह, उपनिरीक्षक इष्ट देव प्रसाद पांडेय देर रात तक दाह संस्कार तक डटे रहे। उक्त के अलावा ग्राम प्रधान मृत्युंजय बिंद, भाजपा नेता रामचंद्र बिंद समेत भारी संख्या में ग्रामीण भी शव यात्रा में शामिल हुए।
शव की हालत देख पोस्टमार्टम न कराने का निर्णय-मछलीशहर। घुरहू के शव से उठ रही दुर्गंध व शव की स्थिति देखकर प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया। मौके पर पहुंचे शव की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने शव दाह संस्कार करने की बात कही। घटना के दो सप्ताह बाद घर पर सूचना देने वाले पाकिस्तानी अफसरों के प्रति लोगों में आक्रोश व्याप्त रहा। ग्रामीणों का कहना है कि जान बूझकर देर से सूचना दी गई। देरी के कारण शव में दुर्गंध पैदा हो गई। शव की स्थिति देखने के बाद मौत के कारण का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका। घटना के पीछे पाकिस्तान की कोई चाल जरूर है जो जांच में ही स्पष्ट होगी। भारत सरकार से मामले की जांच कराने की मांग उठाई है।