ब्लॉक प्रमुख पद के लिए नामांकन को लेकर ब्लाक मुख्यालयों पर शुक्रवार को गहमागहमी रही। सुरक्षा के लिहाज से नामांकन स्थल के चारों तरफ जबरदस्त बैरिकेडिंग की गई थी। बैरिकेडिंग के भीतर सिर्फ प्रत्याशी और उनके
प्रस्तावकों को ही प्रवेश करने दिया गया। बाहर प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ जमा रही। भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इस दौरान कुल 48 लोगों ने नामांकन किया। इसमें से चार का खरिज
कर दिया गया। खुटहन विकास खंड में सांसद हरिवंश सिंह के पुत्र ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह की पत्नी नीलम सिंह का पर्चा नोड्यूज न लगाने पर खारिज कर दिया गया। उनके पति का कहना है कि नामांकन का एक फोटो स्टेट उनके
पास है, जिसमें नोड्यूज की कापी लगी थी। इसी तरह करंजाकला ब्लॉक में भी जाति प्रमाण पत्र न लगाने पर पन्नालाल का पर्चा खारिज कर दिया गया। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जौनपुर के सांसद केपी
सिंह ने आरोप लगाया है कि सत्ता के दबाव में प्रशासन के लोग बीडीसी सदस्यों और प्रत्याशियों को धमका रहे हैं। उन्होंने भयमुक्त वातावरण में मतदान कराने की मांग की है। पूर्व सांसद उमाकांत के पुत्र दिनेश कांत ने आरोप
लगाया है कि उनके ऊपर फर्जी मुकदमे लादकर पर्चा दाखिल नहीं करने का दबाव बनाया गया और गिरफ्तारी कराने और हमले की साजिश एक राज्यमंत्री के दबाव में रची गई। ऐसे में उनके परिवार से किसी ने नामांकन नहीं किया।
समाधगंज संवाददाता के मुताबिक नामांकन से वंचित करने का दो प्रत्याशियों ने आरोप लगाया है। तिलौरा गांव की प्रमीला ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने रास्ते में घेरकर धमकी देकर लौैटा दिया। वेंकटेश ने कहा है कि उनके
प्रस्तावक रमेश को रोक लिया गया। जबकि रमेश का कहना है कि उन्हें किसी ने बंधक नहीं बनाया था। जलालपुर संवाददाता के अनुसार ब्लाक मुख्यालय पर सपा प्रत्याशी संदीप सिंह के साथ नामांकन कराने पहुंचे पूर्व सांसद तूफानी
सरोज को मुख्य गेट के बाहर ही रोक दिया गया। सुइथाकला संवाददाता के अनुसार सपा प्रत्याशी के साथ नियोजन एवं ऊर्जा राज्य मंत्री शैलेंद्र यादव ललई भी नामांकन दाखिल कराने पहुंचे। बक्शा संवाददाता के अनुसार नामांकन
दाखिला के दौरान दो प्रत्याशियों के समर्थकों ने बाहर नारेबाजी शुरु कर दी। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया।