जौनपुर। यदि मन में लगन हो तो कुछ भी मुश्किल नहीं है। मुझे खुद विश्वास नहीं था कि बबूल के झुरमुट में ढंके विद्यालय की तस्वीर भी कभी बदल जाएगी। बरसठी ब्लाक के अंग्रेजी मीडियम प्राथमिक विद्यालय चतुर्भुजपुर प्रथम आज किसी हवेली से कम आकर्षक नहीं है। स्कूल बना गार्डेन और दीवारों पर वाल पेंटिंग अनायास ही सभी को अपनी ओर खींच रही है।
परिसर में आने जाने के लिए इंटरलाकिंग और स्कूल का गेट सभी को लुभा रहा है। शिक्षकों के मेहनत का नतीजा रहा कि छात्रों की संख्या 30 से बढ़कर 180 पहुंच गई है। छात्रों को बैठने के लिए सीट, टीएलएम लर्निगिं मैटेरियलस स्मार्ट क्लास छात्रों को खूब भा रहा है। कीचन गार्डेन के लिए उनके विद्यालय का चयन नहीं होने से उन्हें काफी मलाल है। विद्यालय न केवल जनपद बल्कि प्रदेश में टॉप 100 प्राथमिक विद्यालयों में अपना स्थान रखता है। सत्र 2019-20 में विद्यालय को राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में चयनित कर पुरस्कृत किया गया है। विद्यालय के बच्चे विगत 4 वर्षों से टॉप 5 बच्चो में अपना नाम दर्ज कराया है। न केवल पढ़ाई बल्कि खेल प्रतियोगिता में भी ब्लॉक का जनपद स्तर पर प्रतिनिधित्व करते है। प्रभारी प्रधाध्यापक विनोद पांडेय का कहना है कि जब 14 नवम्बर 2015 में नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचा था। उस समय बबूल के झुरमुटों के बीच स्थित चकत्तेदार दिवारों वाले एक कमरे में एक मैडम 25-30 बच्चों को लेकर बैठी थी। मैने उनसे पूछा कि और बच्चे व स्टाफ कहा है तो जबाब मिला यही बच्चे और मैं ही अकेले हूं। मैने निर्णय इसकी सूरत बदलने का निर्णय लिया। अगले दिन से नामांकित बच्चों के घर सम्पर्क किया और संख्या बढ़ने लगी। आज 180 बच्चे हो गए हैं। बच्चे को प्लास्टिक पेंट से रंगवाया, बाउंड्रीवाल का निर्माण हुआ। बच्चों को टाई बेल्ट, आई कार्ड दिया गया है। प्रार्थना के समय प्रत्येक क्लास से एक सबसे वेल ड्रेस्ड व वेल मेंटेण्ड बच्चे को चुनकर उसे फ्लॉवर ऑफ डे चुना जाता है। उन्हें बैज से सम्मानित किया जाता। प्रतिदिन तीन भाषाओं हिंदी इंग्लिश और संस्कृत में होती है। स्मार्ट क्लास-शिक्षा को रुचिकर और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए स्वयं के प्रयास से स्मार्ट क्लास की स्थापना की गई।
इन लोगों ने किया सहयोग
जौनपुर। समाजसेवी और उद्योगपति अशोक सिंह विद्यालय के बच्चों को बैठने के लिए डेस्क बेंच की व्यवस्था की। साथ ही एक इंडिया मार्का हैंडपंप भी लगवाया। गांव के ही मिथलेश सिंह ने मां सरस्वती की संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की। राजकुमार सिंह द्वारा पुस्तकालय के निर्माण के लिए 51000 का चेक दिया। रिटायर्ड प्रधानाध्यापक सियाराम दुबे ने म्यूजिक सिस्टम के लिए बैटरी, विजय बहादुर सिंह ने स्ट्रीट लाइट, आंगनबाड़ी सीमा सिंह ने पंखा और अजय सिंह ने कुर्सियां प्रदान कीं।
मैं पहले कांवेंट स्कूल में पढ़ती थी। लॉकडाउन में यहां दखिला लिया। मुझे स्कूल में डर लगता था परंतु जबसे यहां एडमिशन लिया तो मन करता कि काश रोज स्कूल खुला रहता। पढ़ाई के साथ खेलने का मौका मिलता। - कशिश सिंह छात्रा कक्षा पांच
स्कूल बहुत ही मनमोहक और सुंदर है। तरह-तरह के फूल और पौधे लगे हैं। मेरे स्कूल में पढ़ाई बहुत अच्छी होती। रोज म्यूजिक सिस्टम के प्रार्थना होता और शाम को हम छुट्टी से पहले वंदेमातरम राष्ट्रीय गीत गाते हैं, फिर छुट्टी होती। - ईशा गौतम, छात्रा कक्षा 5
छात्रों को बेहतर शिक्षा देकर एक योग्य नागरिक के रूप में तैयार करना ही हमारी प्राथमिकता है। बच्चों के लिए सभी सुुविधाएं उपलब्ध करा दिया गया है। शिक्षा को और भी बेहतर बनाने के लिए प्रयास जारी रहेगा। - विनोद कुमार पांडेय, प्रभारी प्रधानाध्यापक
प्राथमिक विद्यालय चतुर्भुजपुर प्रथम विद्यालय जिले ही नहीं प्रदेश में भी अपनी पहचान बना चुका है। बच्चे खेल के साथ ही सांस्कृतिक और अन्य कार्यों में भागीदारी करते हैं। शिक्षकों का प्रयास सराहनीय है। - डा. गोरखनाथ पटेल, बीएसए जौनपुर