गिरफ्तार अभियुक्त वसीम इसाक ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 20 वर्षों से गैंग बनाकर चोरी, छिनैती की घटना को अंजाम दे रहा है। अभी तक चोरी की सैकड़ों घटनाओं अंजाम दे चुका है। वर्ष 2006 में पहली बार चोरी की घटना किया था, इस घटना में गिरफ्तार होकर जेल भी गया था। वर्ष 2011 में दुष्कर्म की घटना में जेल गया था।
जेल से छूटने के बाद अपना एक संगठित गैंग बनाया इसमें शनि राठौर, रवि पुजारा, महिला मित्र नेहा व उसकी सहेली थी। इसके बाद अपना अपराध करना शुरू कर दिया। रात में लोगों को आकर्षित करने के लिए नेहा व उसकी सहेली को भेजता था और उसके आस-पास अपने गैंग के साथ सक्रिय रहता था।
जैसे ही गैंग की महिलाओं द्वारा व्यक्तियों को अपनी जाल में फंसाकर सुनसान स्थान पर ले जाया जाता था, उसी दौरान वह अपने गैंग के साथ वहां पहुंचकर उनसे लूटपाट व छिनैती की घटना को अंजाम देता था। कुछ लोग पुलिस को चोरी, छिनैती की घटना के संबंध में सूचना देते थे और ज्यादातर लोग महिलाओं के डर से पुलिस के पास नहीं जाते थे। जिसकी वजह से बहुत सारी घटनाएं पुलिस तक नहीं पहुंचती थी।
इसकी पहली पत्नी सलमा जौनपुर व दूसरी पत्नी आफरीन मुंबई में रहती है, जो वहां पर घरों में झाड़ू-पोछा करने के बहाने घरों में रेकी करती है। जिसके बाद उसके बताए घरों में अपने गैंग के साथ चोरी की घटना को अंजाम देता था। चोरी का सामान बेच देता था। इस तरह चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर धन कमाकर मुंबई व जौनपुर में मकान बनवाया है। गिरफ्तारी के लिए मुंबई पुलिस ट्रांजिट रिमांड के लिए अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।