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Jaunpur News: प्रीति योग में आज मनाया जाएगा गणेश संकष्टी व्रत

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मछलीशहर। माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी गणेश चतुर्थी कहा गया है। यह व्रत छह जनवरी मंगलवार को प्रीति योग में मनाया जाएगा। चंद्रमा को रात्रि 8:35 बजे के बाद चंद्रोदय होने पर अर्घ्य दिया जाएगा। ज्योतिष एवं तंत्र के आचार्य डॉ. शैलेश मोदनवाल का कहना है कि इस दिन व्रती महिलाएं दिनभर उपवास रखती हैं। चंद्रोदय से पूर्व स्नान के बाद नए वस्त्र धारण करती हैं। खुले आसमान के नीचे गोबर से लीप कर चौक पूरा जाता है। पूजन की सारी वस्तुओं को रखकर चंद्रोदय के पश्चात चंद्रमा को लाल चंदन, कुश, दूर्वा, फूल, अक्षत, शमी पत्र आदि के द्वारा तांबे के पात्र से अर्घ्य दिया जाता है। इस व्रत में गौर गणेश व चंद्रमा का पूजन किया जाता है। पूजन में प्रत्येक वस्तु चार की संख्या में भगवान गणपति को चढ़ाई जाती है। लाल कंद, फल, गुड़, तिल्ली, पान एवं तिल चढ़ाए जाते हैं। गुड़, तिल और घृत की आहुति दी जाती है। चार बत्तियों वाले दीपक के साथ कपूर से भी आरती की जाती है। गणेश जी की चार कथाओं को कहा व सुना जाता है। काले तिल, जल व फूल को हाथ में लेकर चार बार प्रदक्षिणा करते हुए अर्घ्य दिया जाता है। इस व्रत में गुड़ तिल व लाल कंद का विशेष महत्व है। पूजन के पश्चात सिंघाड़े का हलवा, कंद दूध व चाय आदि का फलाहार किया जाता है। इस व्रत के करने से संकट से मुक्ति मिलती है। विघ्न, बाधाओं का निवारण होकर परिवार में धन-धान्य व ऐश्वर्य में वृद्धि होती है।
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