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Jaunpur News: खतौनी में खेल... साल भर में साढ़े आठ लाख की हेराफेरी

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मड़ियाहूं। एक तरफ सरकार अन्नदाताओं की माली हालत सुधारने को प्रयासरत है। वहीं मड़ियाहूं तहसील में कंप्यूटरीकृत खतौनी के नाम पर उन्हीं किसानों का शोषण किया जा रहा है। खतौनी निकालने का सरकारी रेट 15 रुपये है, लेकिन किसानों से 20 से 30 रुपये की वसूली की जाती है। इस हिसाब से एक साल में करीब साढ़े आठ लाख की हेराफेरी की जा रही है। तहसील में कंप्यूटरीकृत खतौनी निकालने के नाम पर किसानों से 5 से 15 रुपये की अतिरिक्त वसूली की जा रही है। वर्तमान समय में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो रही है। इसके लिए यहां प्रतिदिन औसत 300 किसानों की खतौनी निकाली जाती है। ऐसे में औसत 8 रुपये अतिरिक्त शुल्क के हिसाब से प्रतिदिन 2400 रुपये अतिरिक्त की वसूली हो रही है। इस तरह महीने में 72 हजार रुपये अतिरिक्त वसूला जा रहा है। प्रश्न यह है कि ये वसूली किसके इशारे पर की हो रही है। पहले यहां खतौनी का मूल्य 15 रुपये लिखा गया था, किंतु अब उसे मिटाकर खतौनी निकालने के लिए राजकीय शुल्क देना होगा लिखा गया है। किसान अतिरिक्त शुल्क का विरोध करते हैंं तो ऑपरेटर किसानों से मारपीट कर लेते हैं और नकल भी नहीं देते हैं। जुड़पुर गांव निवासी महेंद्र प्रसाद उपाध्याय, कसियांव निवासी बृजेश कुमार ने बताया कि खतौनी निकालने के लिए उनसे प्रति खतौनी 20 रुपये लिए गए।
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