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जौनपुर: बच्चों के आम तोड़ने के विवाद में दो समुदायों में जमकर हुई झड़प, कमिश्नर-आईजी पहुंचे गांव 

Wed, 10 Jun 2020 09:28 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर

सार

  • पुलिस ने 57 नामजद और 20 अज्ञात पर केस दर्ज करके 35 लोगों को कर लिया गिरफ्तार 
  • घटना के आरोपियों पर एनएसए कानून के तहत होगी कार्रवाई
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पीड़ित से पूछताछ करते कमिश्नर व आईजी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जौनपुर जिले के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के भदेठी गांव में आम तोड़ने और पशु चराने को लेकर दो समुदायों में विवाद के बाद हुए उपद्रव में पुलिस ने 57 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें 35 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। गांव में दूसरे दिन बुधवार को भी तनाव को देखते हुए पुलिस मुस्तैद रही। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, आईजी विजय सिंह मीना ने गांव में जाकर हालात का जायजा लिया। पीड़ित परिवारों को न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने पुलिस से आरोपियों पर एनएसए के तहत कार्रवाई करने को कहा है।

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दरअसल, मंगलवार को आम तोड़ने को लेकर दोनों समुदायों के बच्चों में विवाद हुआ था। बाद में इसी मामले में एक पक्ष के लोग दूसरे पक्ष की बस्ती में पहुंचे। हवाई फायरिंग, तोड़फोड़ और आगजनी की। तीन कच्चे मकान और 20 झोपड़ियों को जला दिया। आगजनी में एक भैंस और तीन बकरियां जल गईं। छह बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। आग में सिलिंडर विस्फोट भी हो गया। जवाब में दूसरे पक्ष के लोगों ने भी पथराव किया।

रात में ही सरायख्वाजा, खेतासराय, शहर कोतवाली सहित पांच थानों की फोर्स गांव में तैनात कर दी गई। देर रात डीएम दिनेश कुमार सिंह और एसपी अशोक कुमार भी गांव पहुंचे। उन्होंने बेघर हुए परिवारों को राशन सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का आश्वासन दिया। उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए रात में ही टीम गठित कर दी गई। 
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पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर पर ग्राम प्रधान समेत 57 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, आगजनी, माहौल बिगाड़ने और क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोपियों की तलाश में पुलिस रातभर दबिश देती रही। तनाव को देखते हुए गांव में दो प्लाटून पीएसी तैनात की गई है। बुधवार दोपहर मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल और आईजी विजय सिंह मीना भी गांव पहुंचे। पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका हाल जाना। ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।

आईजी ने बताया कि विवाद दिन में भी हुआ था। दोनों गुटों ने समझौता कर लिया। बाद में कुछ लोगों के बहकाने पर एक पक्ष ने रात में दूसरे पक्ष की बस्ती में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की। सभी को चिह्नित किया जा रहा है। हालात नियंत्रण में हैं। अब तक 35 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य की तलाश की जा रही है।
 

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नुकसान का जायजा लेते आईजी व अन्य - फोटो : अमर उजाला

खराब राशन देने पर भड़के

गांव में मंगलवार आगजनी के बाद बेघर हुए लोगों के लिए चावल, आटा, दाल आदि सामग्री उपलब्ध कराई गई, मगर गुणवत्ता काफी खराब थी। ग्रामीणों ने उसे लेने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि आटा, चावल में कीड़े थे। जानवरों के खाने लायक भी राशन नहीं था। विरोध के बाद दोबारा राशन मंगाकर वितरित किया गया। बीडीओ वीरभानु सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन किया। बीडीओ ने बताया कि चार परिवारों के पास सिर्फ झोपड़ी ही थी। उनकी सूची तैयार कर ली गई है। उन्हें पक्का आवास मुहैया कराया जाएगा।

खौफ से दूल्हा नहीं लौटा घर, ससुराल में ही रुका

गांव में मंगलवार को मेवालाल की पुत्र सुरेंद्र की शादी थी। बरात पास के ही बरेजी गांव में गई थी। बरात में द्वारपूजा की रस्म चल रही थी, तभी गांव में उपद्रव किए जाने की सूचना पहुंच गई। सूचना मिलते ही बरात में हड़कंप मच गया। आधे से अधिक बराती गांव लौटे आए। यहां पहुंचे तो काफी कुछ नुकसान हो चुका था।

गांव में फोर्स डटी हुई थी। दूल्हे के घर में भी तोड़फोड़ की गई थी। दरवाजे के बाहर लगे टेंट उखाड़ दिए गए थे और कुर्सियां तोड़ दी गई। गांव के इस हालात की सूचना मिलते ही परिवार के लोग सहम गए। शादी के बाद दुल्हन की विदाई नहीं हुई। दूल्हे को भी ससुराल में ही रोक दिया गया।
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