जौनपुर। किसानों को फ्री कलमी फलदार पौधा नहीं दिए जा रहे हैं। प्रशासन सिर्फ उनको सहीजन, देशी आम, अमरूद, जामुन, बेल आदि के देशी पौधा देने की तैयारी में जुटा है। इसी को नर्सरी में तैयार किया गया है। मगर किसान ऐसे पौधे लेना नहीं चाहते हैं। उनका कहना है कि कलमी पौधों से उपज अधिक मिलेगी तो उन्हें पायदा होगा। ऐसे में पौधरोपण का पूरा होने पर आशंका के बादल मंडराने लगे हैं।
जिले में इस साल कुल 59 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। जिसमें वन विभाग को साढ़े तेरह लाख पौधे लगाने हैं। 45 लाख 50 हजार पौधे अन्य विभागों को लगाने हैं। इसमें ग्राम्य विकास विभाग, कृषि व उद्यान आदि विभाग को लगाना है। यह पौधा लोगों को नि:शुल्क लगाया जाना है। पौधों को देने की जिम्मेदारी वन विभाग और उद्यान विभाग को दी गई है। जिसमें वन विभाग को पांच लाख और उद्यान विभाग तीन लाख फलदार पौधे देना है। इन विभागों ने अमरूद, आम, जामुन, बेल, अनार सहित अन्य देशी फलदार पौधे देने की तैयारी है। नर्सरी में ये ही पौधे तैयार किए गए हैं। उधर कृषि विभाग व उद्यान विभाग सहित मनरेगा में व्यक्तिगत चयनित किसान देशी फलदार पौधा लगाने को तैयार नहीं हैं। किसान कलमी फलदार पौधा लगाना चाहता है। ऐसे में विभागों के सामने लक्ष्य पूरा करने का संकट बना हुआ है।
किसानों को कलमी फलदार पौधा फ्री देने का कोई आदेश नहीं है। देशी फलदार पौधे मौजूद हैं, जो
दिए जाएंगे।
एपी पाठक
प्रभागीय सामाजिक वानिकी
शासन द्वारा आए शासना देश में किसानों को कलमी फलदार पौधे शुल्क लेकर देने का निर्देश दिया गया है। इस लिए पौध रोपण अभियान में बीजू फलदार पौधे ही किसानों को नि:शुल्क दिए जाएंगे।
हरिशंकर राम
जिला उद्यान अधिकारी