नेवढ़िया (जौनपुर)। थाना क्षेत्र के गोता गांव में जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां देखभाल के लिए रखी गई महिला पर पूरी संपत्ति हड़पने का आरोप लगा है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित सौरभ दुबे ने एसपी जौनपुर को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह और उसकी बहन सुरभि अपने रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। उनकी मां मीरा देवी का वर्ष 2018 में निधन हो गया था, जिसके बाद पिता नागेश दुबे की देखभाल के लिए आजमगढ़ निवासी साधना राय को 5000 रुपये मासिक वेतन पर रखा गया था। नागेश दुबे एक इंटर कॉलेज में अध्यापक थे। आरोप है कि सेवा भाव का दिखावा कर साधना राय ने धीरे-धीरे परिवार का विश्वास जीत लिया और संपत्ति की देखरेख अपने हाथ में ले ली। 12 दिसंबर 2025 को नागेश दुबे की मृत्यु के बाद साधना ने उनके बैंक खाते से 6 लाख 18 हजार 706 रुपये अपने संबंधियों के खातों में यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा, साधना राय ने मिलीभगत कर खुद को नागेश दुबे की पत्नी के तौर पर पेश करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। आरोप है कि आदर्श इंटर कॉलेज इटाए के बड़े बाबू देवमणि मिश्र और प्रधानाचार्य बंशनारायण सिंह की मदद से वर्ष 1994 की छात्रा अर्चना त्रिपाठी के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अर्चना दुबे के नाम से फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र जारी कराया गया। इसी आधार पर सहज जनसेवा केंद्र इटाए बाजार के संचालक अशोक कुमार और तत्कालीन लेखपाल की मदद से तहसील मड़ियाहूं से फर्जी निवास प्रमाण पत्र भी बनवा लिया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह पूरा षड्यंत्र चल-अचल संपत्ति हड़पने और सेवा काल में मृत्यु के लाभ लेने के उद्देश्य से रचा गया। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने अर्चना राय, देवमणि मिश्र, बंशनारायण सिंह, अशोक कुमार और संबंधित लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में थानाध्यक्ष नेवढ़िया राजाराम द्विवेदी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।