युवती के पिता ने बेटी को लखनऊ भेजा। वह वहां इंतजार करती रही, लेकिन जालसाज नहीं पहुंचे। ऐसे में वह नियुक्ति पत्र लेकर स्वयं एचएएल कार्यालय पहुंच गई। जहां उसको बताया गया कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। थानाध्यक्ष युजवेंद्र कुमार सिंह ने ऐसी किसी घटना के प्रति अनभिज्ञता जताई।