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तय समय बीतने के तीन बाद भी अधूरा है फोरलेन का निर्माण

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जलालपुर में निर्माणाधीन फोरलेन हाईवे। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। वाराणसी-लखनऊ फोरलेन पर 30 नवंबर तक वाहनों के फर्राटा भरने का सपना धरा ही रह गया। डेडलाइन पूरा होने के ढाई महीने बाद भी फोरलेन का निर्माण अधूरा है। निर्माणाधीन हाईवे पर जगह-जगह मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। नई सड़क के निर्माण के चलते पुरानी सड़क की मरम्मत भी नहीं हो पा रही।
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सुस्त पड़े निर्माण कार्य के कारण गड्ढों में तब्दील सड़क पर लोग धूल और गुबार का दंश झेलने को विवश हैं। एनएचएआई के अफसरों की मानें तो फोरलेन निर्माण के लिए 30 फीसदी काम अभी भी बाकी है। निर्माण की रफ्तार यही रही तो फोरलेन के इंतजार में 2020 भी गुजर जाएगा। लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग-56 को फोरलेन बनाने के लिए 42 सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव बना था। एनएचएआई ने प्रस्तावित फोरलेन को लखनऊ व वाराणसी दो जोन में बांटकर कार्य शुरू किया। वाराणसी जोन के अंतर्गत 128 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुल्तानपुर से बाबतपुर चौराहा (वाराणसी) तक जनवरी 2016 में शुरू प्रोजेक्ट को जून 2018 में पूरा करना था। निर्धारित तारीख तक निर्माण पूरा नहीं हो सका तो इसे नवंबर 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया लेकिन दूसरी बार तय की गई डेडलाइन भी बीत गई और निर्माण अधूरा ही रह गया। अभी 70 फीसदी कार्य पूरा हो सका है।
फोरलेन का निर्माण अधूरा होने के चलते बक्शा, सिरकोनी और जलालपुर इलाके में कई स्थानों पर लोग सड़क की दुर्दशा का दंश झेल रहे हैं। बक्शा विकास खंड के सवंशा, बक्शा, शंभूगंज, शिवगुलामगंज, लखौवा, कुल्हनामऊ आदि इलाके में कहीं पुरानी सड़क पर गड्ढे बन गए हैं तो कहीं नई सड़क निर्माण के लिए मिट्टी गिराकर छोड़ दिया गया है। राहगीरों के अलावा आस पास के लोग भी सड़क से दिन रात उड़ रही धूल गुबार से परेशान हैं। सिरकोनी, जलालपुर के पास करीब 10 किलोमीटर तक सड़कर की हालत खराब है। इस सड़क पर प्रदिन यात्रा करने वाले बक्शा के दक्षिणपट्टी गांव निवासी इरफान खान कहते हैं कि बारिश में गड्ढों में पानी भरने से परेशानी होती थी और धूल से परेशान होना पड़ता है। बक्शा के संतोष निगम कहते हैं कि सड़क पर कई जगह तो इतनी धूल उड़ती हैं कि वहां से गुजरते समय लगता है कि दम घुट जाएगा।
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परियोजना निदेशक एनएचएआई एसबी सिंह का कहना है कि सुल्तानपुर से जौनपुर तक लगभग 73 किमी की दूरी में 75 प्रतिशत जबकि जौनपुर से बाबतपुर चौराहे तक 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शुरुआती दिनों में काम में तेजी न आने के पीछे जमीन के मुआवजे को लेकर विवाद था, लेकिन अब ऐसी समस्या नहीं है। इसे जून 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा।
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