जौनपुर। शाहगंज जीआरपी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले पूर्व सांसद उमाकांत यादव को जेल में बी श्रेणी की सुविधा नहीं मिलेगी। एक दिन पहले पूर्व सांसद ने अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय शरद कुमार त्रिपाठी को प्रार्थना पत्र देकर यह सुविधा दिए जाने की मांग की थी।
पूर्व सांसद उमाकांत यादव जिला जेल में बंद हैं। वह जेल में बी श्रेणी की सुविधा की मांग कर रहे हैं। जेल का निरीक्षण करने गए डीएम-एसपी और जेल अधीक्षक से भी यह मांग कर चुके हैं। जीआरपी हत्याकांड में सजा सुनाए जाने के पहले भी पूर्व सांसद उमाकांत यादव ने खुद अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय शरद कुमार कुमार त्रिपाठी को प्रार्थनापत्र देकर
कहा था कि वह तीन बार एमएलए और एक बार सांसद रहे हैं। बीमारियों से पीडि़त हैं। हाईकोर्ट के अधिवक्ता भी हैं। इसके बावजूद उन्हें जेल में सामान्य कैदियों की तरह रखा जाता है। बताया कि उनकी उम्र 70 साल की हो गई। डीएम-एसपी और जेल अधीक्षक से भी कह चुके हैं। उनके अनुसार, डीएम-एसपी का कहना है कि कोर्ट से आदेश होने पर ही बी क्लास की सुविधा मिल पाएगी। इस पर अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय ने कहा कि नियमानुसार कार्यवाही होगी। इसके बाद उन्होंने जेल प्रशासन को पत्र भेजकर मामले को देखने के लिए कहा था। इस संबंध में जेल अधीक्षक एसके पांडेय ने बताया कि दोष सिद्ध कैदी उमाकांत यादव ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। उमाकांत यादव को किसी प्रकार की विशेष सुविधा दिया जाना अनुमन्य नहीं है।