मड़ियाहूं। मीडिया प्रभारी की जमानत के लिए मड़ियाहूं की पूर्व विधायक डॉ. लीना तिवारी मंगलवार की शाम तहसील परिसर में धरने पर बैठ गईं। रात नौ बजे पहुंची एसडीएम अर्चना ओझा ने मीडिया प्रभारी की जमानत अर्जी खारिज करके जेल भेज दिया।
पूर्व विधायक डॉ. लीना तिवारी के मीडिया प्रभारी अनुराग मिश्र ने मड़ियाहूं विधायक डॉ आरके पटेल के खिलाफ एक सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। इस मामले मड़ियाहूं कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। मंगलवार को पुलिस ने अनुराग को एसडीएम कोर्ट में जमानत के लिए पेश किया। जिले के अन्य थाना क्षेत्रों से आए चार आरोपियों की जमानत हो गई लेकिन अनुराग की जमानत नहीं हुई। एसडीएम किसी काम से बाहर चलीं गई।
मीडिया प्रभारी की जमानत नहीं होने पर पूूर्व विधायक डॉ लीना तिवारी शाम 6.30 बजे तहसील परिसर में पहुंचीं और नौ बजे तक तहसील परिसर में समर्थकों को साथ डटी रहीं। रात करीब पौने नौ बजे आईं एसडीएम अर्चना ओझा ने जमानत खारिज कर दी। पूर्व विधायक का कहना है कि जब चार लोगों की जमानत हुई तो मीडिया प्रभारी की भी जमानत होनी चाहिए थी।