जौनपुर। देश के कई राज्यों में कोरोना केस की रफ्तार फिर तेजी से बढ़ने लगी है। वहां अलग-अलग इलाकों में लॉक डाउन की स्थिति बन रही है। बावजूद जिले में इसका कोई असर नहीं है। भीड़ में जाते समय लोग मॉस्क लगाना भूल गए है। सामाजिक दूरी और सैनिटाइजर बीते दिनों की बात हो गई है। मास्क न लगाने पर पुलिस भी रोकती-टोकती नहीं है। लिहाजा लोग भी पूरी तरह बेपरवाह हैं।
कोरोना संक्रमण से जिले में 99 मरीजों की मौत हुई है। कुल 6722 केस मिल चुके हैं। इसमें 12 अभी भी एक्टिव हैं। यह बात दीगर है कि कई दिनों से कोई नया पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। कोरोना से अपने और परिवार को सुरक्षित रखने के लिए सरकार लगातार भी सतर्कता कायम रखने की अपील कर रही है। सार्वजनिक स्थलों पर दो गज दूरी और मास्क है जरूरी का संदेश लगातार प्रचारित हो रहा है। फिर भी यहां लोग पूरी तरह बेपरवाह नजर आ रहे हैं। शहर के बाजारों में दूरी को तो पहले ही भूला दिया गया था। अब लोग मॉस्क लगाना भी छोड़ चुके हैं। दुकानों, निजी व सरकारी दफ्तरों, आयोजनों में भी हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल नहीं हो रहा।
छूटे हुए 1658 फ्रंटलाइन वर्कर्स ने लगवाया कोविड का टीका
जौनपुर। मॉपअप राउंड के तहत सोमवार को 1658 छूटे हुए फ्रंटलाइन वर्करों को कोविड-19 टीका लगाया गया। कुल 23 केंद्रों पर 3291 को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। उसके सापेक्ष 1658 लोगों ने टीका लगवाया। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, राजकीय लीलावती अस्पताल सहित सीएचसी धर्मापुर, डोभी, जलालपुर, करंजाकला, केराकत, मछलीशहर, महराजगंज, मुंगराबादशाहपुर, शाहगंज, चांदपुर-सिकरारा, सिरकोनी, सोंधी, मड़ियाहूं, बरसठी, बक्शा में टीकाकरण के 23 सत्र आयोजित हुए। फ्रंटलाइन वर्करों के लिए यह अंतिम मौका था। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह ने टीका लगवाने से वंचित फ्रंटलाइन वर्कर्स से टीका लगवाने की अपील की थी। फ्रंटलाइन वर्करों में पुलिसकर्मी, राजस्व विभाग, नगर पालिका, सफाईकर्मी, पंचायती राज विभाग के कर्मचारी और रेलवे और रेलवे पुलिस के कर्मचारी आते हैं।