जौनपुर। सरकार वनवासी जातियों तक सरकारी योजनाओं के पहुंचने का दावा कर रही है जब कि जिले में इस समय यह जाति आज भी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है।
जिला प्रशासन का दावा है कि छह हजार परिवारों को आवास दिया गया है, जिसमें वर्ष 2024 में अकेले 500 परिवार को घर दिया गया। बावजूद अभी भी कई पात्र परिवार आवास, शौचालय, पेंशन, अंत्योदन कार्ड, आवासीय व कृषि योग्य भूमि (पट्टा) व आयुष्मान कार्ड से वंचित हैं। जिले में करीब 30 हजार मुसहर जाति निवास करती है।
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केस वन :-सुइथाकला ब्लाॅक के भेला गांव निवासी सुशीला देवी, गुलाब, मिश्रीलाल, मिठाईलाल आदि कृषि योग्य भूमि, आयुष्मान भारत कार्ड, शौचालय के लाभ से आज भी वंचित हैं। यहां आने जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। आवास न मिलने के कारण लोगआज भी पन्नी की झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं।
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केस टू :-
सिरकोनी ब्लाॅक के कोतवालपुर गांव में 20 घरों के लोग आज तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। बिजली, पानी, सड़क, आवास व ईंधन की किसी भी योजना से ये परिवार आज तक लाभान्वित नहीं हो सके।
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केस थ्री :-
नगर पंचायत मड़ियाहूं के वार्ड गंज यादव बस्ती के 20 परिवारों के पास रहने व खेती करने के लिए भूमि नहीं है। बाकी सभी 14 परिवार झोपड़ी में रहने को विवश हैं। राजकुमार, पप्पू, मोहनने बताया कि उन्हें आवास, आयुष्मान कार्ड, शौचालय, पेंशन का लाभ नहीं मिला।
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केस फोर :-
मुफ्तीगंज के नैपूरा शहाबुद्दीनपुर मुसहर बस्ती में तूफानी, राम आशीष, पूनम, सविता ने बताया कि उन्हें पेंशन, पट्टा, शौचालय नहीं मिला है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। सामुदायिक शौचालय करीब 2 वर्षों से खराब पड़ा हुआ है।
कोट
जिले में जहां भी ऐसी समस्याएं हैं वहां शिविर लगाकर पात्रों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। सरकारी योजनाओं को अंतिम गरीब व्यक्ति तक पहुंचाना पहली प्राथमिकता है। -साईं तेजा सीलम सीडीओ, जौनपुर।