अजय और पवन के कहने पर लोकनाथ ने किसी विपिन के खाते में तीन अक्टूबर, 2024 को दो लाख भेज दिया। पैसे देने के बाद एजेंट पवन का लोकनाथ के मोबाइल पर फोन आया कि वह अपने लड़के को सारे अभिलेख के साथ मुंबई भेज दें।
उसके लड़के का सी बेस शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सारा-जे कंपनी में बतौर ट्रैनी इंजन रेटिंग के पद पर सलेक्शन हो गया है। जालसाजों ने सत्यम को एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी पकड़ा दिया।
नियुक्ति पत्र लेकर वह चार अक्तूबर, 2024 को हवाई जहाज से ईरान पहुंच गया। वहां पहुंचने के बाद संबंधित लोगों ने सत्यम को सारा-जे कंपनी में न भेजकर मरम्मत के लिए खड़ी शिप पर भेज दिया। अपनी ठगी का एहसास होने पर सत्यम ने व्हाट्स अप काल के जरिये पिता लोकनाथ को आपबीती बताई।
किसी तरह से वो वहां से लौटा। पैसा मांगने पर गाली-गलौज करने लगे और जान से मारने की धमकी भी देने लगे। लोकनाथ ने इसकी शिकायत थाना पुलिस से की। प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश यादव ने बताया कि इस प्रकरण में कुल तीन लोगों के खिलाफ सात धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, विधिक कार्रवाई की जा रही है।