जौनपुर। मुख्तार अंसारी का करीबी होने और मछली का अवैध कारोबार करने के आरोप में जेल भेजे गए जोगियापुर निवासी रवींद्र निषाद की जमानत बुधवार को जिला जज ने मंजूर कर दी। पचास-पचास हजार की दो जमानत पत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। मछली कारोबारी का मुख्तार अंसारी से कनेक्शन और उसके कब्जे से बरामद मछली हानिकारक होने का कोई ठोस प्रमाण पुलिस कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकी।
आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि रवींद्र को फर्जी ढंग से रंजिशवश फंसाया गया है। उसके पास से प्रतिबंधित मांगुर मछली बरामद ही नहीं हुई थी। वह मछली व्यवसाई है और उसके पास मछली बेचने का लाइसेंस है। मुख्तार अंसारी से उसका कोई संबंध नहीं है। एफआईआर में जो पुलिस ने दिखाया है कि आरोपी ने स्वीकार किया कि उसका मुख्तार अंसारी से संबंध है वह पुलिस की मनगढ़ंत कहानी है। शहर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी कि 3 जुलाई 2020 को 11 बजे दिन में जोगियापुर मोहल्ले में मुखबिर की सूचना पर आरोपी रविंद्र के घर पर छापा मारा गया तो उसके यहां आंध्र प्रदेश से आई मछली बरामद हुई। उसके बरामदे से 25 किलो प्रतिबंधित मांगुर मछली बरामद हुई जिसे खाने से गंभीर बीमारी होती है। इसके अलावा 200 पेटी अन्य मछली भी बरामद हुई जो हानिकारक नहीं थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने उसे बताया है कि वह मुख्तार अंसारी का वर्षों पुराना सहयोगी है।उनके लिए काम करता है जबकि जमानत प्रार्थना पत्र में आरोपी ने पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में उसके बयान को झूठा एवं मनगढ़ंत बताया।कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी की जमानत मंजूर कर दी।
एक और मकान, वाहन होगा कुर्क
जौनपुर। डीएम के आदेश पर रवींद्र निषाद का एक और मकान व फोर्ड गाड़ी कुर्क किया जाएगा। बुधवार की शाम डीएम ने यह आदेश जारी किया। करीब 3.71 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है।