जलालपुर। क्षेत्र के आशापुर गांव में मंगलवार को महाराज सुहेलदेव के विजयोत्सव कार्यक्रम के दौरान सपा नेता महेंद्र राजभर को सुभासपा नेता बृजेश राजभर ने कई थप्पड़ जड़े। बताया जा रहा है कि पहले उसने महेंद्र राजभर के सम्मान में पहले भाषण में तारीफ की। इसके बाद माला पहनाई, फिर कई थप्पड़ जड़ दिए। घटना का वीडियो सामने आने पर चहुंओर चर्चा हो रही है। पीड़ित ने जलालपुर थाने में शिकायत की है। आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के इशारे पर यह हमला हुआ।
महेंद्र राजभर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी सुभासपा के संस्थापक सदस्य में से एक हैं लेकिन 2021 में अलग हो गए थे। इसके बाद सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी बना ली लेकिन 2 मई को सपा में शामिल हो गए थे।
सुभासपा 10 जून को महाराजा सुहेलदेव का विजयोत्सव मना रही है जिन जिलों में सुभासपा का प्रभाव है उसी क्रम में जौनपुर में भी विजयोत्सव मनाया गया। वीडियो में पहले बृजेश ने महेंद्र राजभर की तारीफ में भाषण दिया। कहा जब अपने लोग सत्ता में गए तो अपने लोगों की पैरवी नहीं की, खुद की सेवा की, अपने बेटे, अपने परिवार के लिए काम किया। महाराज सुहेलदेव के नाम को केवल बेचा जा रहा है। कुछ लोग ऐसे हैं जो समाज को लूट रहे हैं। ऐसे लोगों का हम लोग परित्याग करेंगे। इसके बाद बृजेश राजभर ने महेंद्र राजभर को माला पहनाई। माला पहनते ही महेंद्र के चेहरे पर मुस्कान आ रही थी। इसके बाद अचानक महेंद्र को एक के बाद एक थप्पड़ जड़कर पीटने लगे। जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार्यकर्ताओं ने दोनों को अलग किया। इस बाबत थानाध्यक्ष त्रिवेणी सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है, मामले की जांचकर मुकदमा लिखा जाएगा।
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मुख्तार अंसारी के खिलाफ भाजपा के सिंबल पर लड़े थे चुनाव
महेंद्र राजभर 2017 में के विधानसभा के चुनाव में सुभासपा में थे। मऊ में माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा था तब भाजपा और सुभासपा क बीच गठबंधन था। चुनाव में महेंद्र राजभर, मुख्तार अंसारी से करीब 6 हजार वोट से हार गए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रधनमंत्री मोदी ने उन्हें मऊ की एक जनसभा में कटप्पा का खिताब दिया था। कहा था कि यह कटप्पा बाहुबली का सफाया करेगा।