जौनपुर। डीएम मनीष कुमार वर्मा सोमवार को दोपहर में अचानक विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय पहुंच गए। प्रधानों के खिलाफ जांच की वर्षों से लंबित शिकायतों का निस्तारण न होने पर नाराजगी जताई। इसमें देरी का कारण पूछा। डीपीआरओ को निर्देश दिया कि जो भी सचिव (सेक्रेट्री) जांच में सहयोग न कर रहा हो, उस पर एफआईआर दर्ज कराएं।
जांच के दौरान वर्ष 2018 से लंबित शिकायतों की न तो जांच की गई और न ही उसका निस्तारण किया गया। डीपीआरओ को निर्देश दिया कि जांच के बाद जल्द से जल्द निस्तारण कराया जाए। डीएम ने कहा कि अभिलेख न देने वाले अधिकारी व सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पुरानी जांचों को पहले निस्तारित करें। एक सप्ताह बाद पुन: निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में खामी मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर सीडीओ अनुपम शुक्ला, डीडीओ बीबी सिंह, उपायुक्त मनरेगा भुपेंद्र सिंह उपस्थित रहे।