गोमती नदी में जल क्रीड़ा करते युवा। संवाद
जौनपुर। जिले में नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और अघोषित बिजली कटौती ने आम जनमानस का जीना मुहाल कर दिया है। सुबह आठ बजते ही सूरज की किरणें आग उगलने लगती हैं, और इसी बीच चरमराई बिजली व्यवस्था ने लोगों को बिलबिलाने पर मजबूर कर दिया है। शासन की ओर से शहर में 24 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा पूरी तरह हवा-हवाई साबित हो रहा है। शहर में दिन और रात मिलाकर 10 से 12 बार बिजली काटी जा रही है। शहर के ओलंदगंज, पॉलिटेक्निक के पास के मोहल्लों और सहकारी कॉलोनी सहित कई इलाकों में बार-बार ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर फुंकने और केबल जलने की समस्याएं आम हो गई हैं। केराकत : नगर क्षेत्र में प्रतिदिन 8 से 10 बार और ग्रामीण इलाकों में 10 से 12 बार बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित है। मुफ्तीगंज : दावों के विपरीत ग्रामीण उपभोक्ताओं को 18 घंटे की जगह मुश्किल से 8 से 10 घंटे ही बिजली नसीब हो पा रही है। सुइथाकला : यहां बिजली के आने-जाने का कोई समय तय नहीं है। शाम 7 बजे के बाद लोड शेडिंग और रोस्टिंग का हवाला देकर पूरी रात 8 से 9 घंटे की भारी कटौती की जा रही है, जिससे लोग रतजगा करने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में अघोषित बिजली कटौती और बार-बार आ रही तकनीकी खराबियों ने बिजली विभाग के दावों और तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है।