जौनपुर। हर महीने से डेढ़ से पौने दो हजार रुपये वसूली करने, न देने पर फंसाने, लाइसेंस निलंबित करने, जेल भेजवाने की धमकी देने के आरोप में आबकारी विभाग के निरीक्षक आदित्य सिंह और एक सिपाही शुजाउ्दीन के खिलाफ लाइन बाजार पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर की है।
हुसेनाबाद, थाना लाइन बाजार निवासी राकेश कुमार सिंह ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के नाम से चौरी बाजार जलालपुर में देसी शराब की दुकान संचालित हो रही थी। 24 अगस्त 2024 को आबकारी सिपाही शुजाउद्दीन ने पीड़ित को फोन किया और विभाग में आकस्मिक खर्च का हवाला देकर 1800 रुपये की मांग की। उसने आबकारी निरीक्षक आदित्य सिंह से भी बात करवाई। आदित्य ने भी कहा कि 60 हजार रुपये की जरूरत है, सभी दुकानों से 1800 रुपये लेना है। ऊपर तक पैसा जाने की बात कही। आरोप है कि इनके द्वारा 1500 रुपये महीने और पांच सौ रुपये हर निरीक्षण पर लिया जाता था।
शिकायतकर्ता के अनुसार रकम न देने पर दुकान सीज करने और उनकी पत्नी को जेल भेजने की धमकी दी गई। मामले से संबंधित वीडियो भी उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि विभिन्न अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद न्यायालय की शरण ली गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर लाइन बाजार पुलिस ने आबकारी निरीक्षक आदित्य सिंह और सिपाही शुजाउद्दीन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आबकारी निरीक्षक आदित्य सिंह और सिपाही शुजाउद्दीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना में सामने आए साक्ष्य के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।