सवैया गांव में मृतक रोहित यादव का शव पहुंचने पर रोते बिलखते परिजन। स्रोत-संवाद
मीरगंज (जौनपुर)। सवैया गांव निवासी रोहित यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में शुक्रवार देर शाम भारी हंगामा हुआ। जैसे ही रोहित का शव एंबुलेंस से गांव पहुंचा, परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बिना प्राथमिकी दर्ज किए अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए थानाध्यक्ष मीरगंज अरविंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आखिरकार, पुलिस द्वारा मृतक के भाई की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बाद ही परिजन शांत हुए और देर रात शव को अंतिम संस्कार के लिए जौनपुर के रामघाट ले गए।
परिजनों के मुताबिक, रोहित यादव (38) बीते मंगलवार को मछलीशहर से अपने घर लौट रहे थे। रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच, रामगढ़ गांव स्थित बंधवा बाजार पेट्रोल पंप से लगभग 100 मीटर उत्तर दिशा में वह सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजनों ने उन्हें तुरंत मछलीशहर सीएचसी पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए शुक्रवार की भोर में इलाज के दौरान रोहित ने दम तोड़ दिया। स्वरूपरानी पुलिस चौकी ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया था। मृतक की पत्नी कुसुम देवी ने पहले ही मारपीट कर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था। इसी बात से नाराज परिजनों ने शव को गांव में रोककर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों के कड़े और अड़े रुख को देखते हुए मीरगंज पुलिस बैकफुट पर आई और तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की।
मृतक के भाई आशीष यादव की तहरीर पर सवैया गांव के अनिल कुमार, उनके दो बेटों योगेश कुमार व मुकेश कुमार, और भटहर गांव निवासी मनसुख के भतीजे के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।— अरविंद सिंह, थानाध्यक्ष, मीरगंज