सोने के आभूषणों पर प्रस्तावित उत्पाद शुल्क और दो लाख की खरीद पर पैन कार्ड की अनिवार्यता के विरोध में मंगलवार को सराफा कारोबारियों ने दूकानें बंद कर वित्तमंत्री की शवयात्रा निकाली। पूरे नगर में शवयात्रा घुमाने के बाद हनुमानघाट पर उसका अंतिम संस्कार कर अपना विरोध जताया।
नाराज सराफा कारोबारियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि वह आंदोलन के हल्के में न ले। व्यापारी अपनी जायज मांगों को पूरा होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। व्यावसायी अजीत सोनी के नेतृत्व में सैकड़ों सराफा व्यवसायी नगर के चहारसू चौराहा स्थित कैम्प कार्यालय पर एकत्रित हुए। यहां से वित्त मंत्री की शवयात्रा निकालकर पूरे नगर का भ्रमण कर हनुमान घाट पर प्रतीकात्मक शव का दहन किया।
कहा कि केन्द्र सरकार ने बजट सत्र में सराफ ा व्यवसायियों पर एक प्रतिशत की जो एक्साइज ड्यूटी लगाई है वह अनुचित है। सरकार को यह कानून वापस लेना होगा। इस दौरान केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
इस अवसर पर अजय सोनी, विजय सोनी, सूरज सोनी, संजय सोनी, मोहन सेठ, दीपक सोनी, गौतम सोनी, श्रवण श्रीवास्तव, वंशीधर वर्मा,
आनन्द सेठ, कन्हैया सेठ, राकेश सेठ, मोनू सेठ, विकास सेठ, विक्त्रस्म मौर्य, नीरज साहू, मनोज गांधी, मधुसूदन बैंकर, अजय सेठ आदि उपस्थित रहे। केराकत : सराफ ा एसोसिएशन ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के विरोध में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने दूध बेचते हुए काला कानून वापस लेने की मांग की।
कहा कि सराफ ा समाज का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान प्रदीप जायसवाल, अशोक जायसवाल, अजीत गुप्ता, सुनील गुप्ता, गोलू सेठ, भानु सेठ रहे।