जलालपुर। थाना क्षेत्र के इस्मैला गांव में आम तोड़ने के विवाद में हुई लाठी-डंडे से पीटकर अवधेश मौर्य (24) की हत्या कर दी गई थी। मंगलवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। परिजन पहले मुंबई में फंसे पिता के लौटने तक शव का अंतिम संस्कार टालने की कोशिश में थे, मगर बाद में स्थानीय लोगों के समझाने पर देर रात शव का अंतिम संस्कार किया गया। पिता अभी रास्ते में है। लॉक डाउन के कारण वह अपने इकलौते बेटे का अंतिम दर्शन भी नहीं कर सका।
इस्मैला गांव में आम तोड़ने को लेकर हुए विवाद में सोमवार की रात गांव के ही कुछ युवकों ने लाठी-डंडे से पीटकर अवधेश मौर्य को जख्मी कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत हो गई। इसकी खबर मुंबई में फंसे उनके पिता रामसहाय मौर्य को दी गई। इकलौते बेटे के अंतिम दर्शन की आस लिए पिता 50 हजार रुपया किराया चुकाकर चार पहिया वाहन से मुंबई से घर के लिए रवाना जरूर हुए, लेकिन वह बेटे को मुखाग्नि नहीं दे सके। उनके आने में देरी के चलते परिवार के अन्य सदस्यों ने मंगलवार की रात सई नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया। बड़े पिता श्याम बिहारी ने मुखाग्नि दी।