जौनपुर। अधिकांश नहरों में पानी नहीं है। नहर के भरोसे खेतों की सिंचाई करने वाले किसानों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है। किसी तरह किसानों ने धान की रोपाई कर ली थी लेकिन अब फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। ऐसे में किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं लेकिन बादल भी ललचाकर निकल जा रहे हैं।
सुरेरी क्षेत्र के भदखिन, भानपुर, कोचारी, देहुआ आदि गांवों से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक खंड 39 पटखौली में पानी नहीं छोड़े जाने से धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। घोरहा निवासी शिव धारी यादव, भदखिन निवासी भूपेश सिंह भानपुर निवासी नगेंद्र सिंह, संतोष सिंह का कहना है कि प्रर्याप्त बारिश नहीं होने और नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से धान की फसल अब सूखने के कगार पर पहुंच गई है इससे पैदावार में भी कमी आएगी। बदलापुर में शारदा सहायक खंड 36 भीमपुर रजवाहा में दरारें फट रही हैं। सरोखनपुर के किसान अमर बहादुर सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, भलुआही निवासी राजदेव सिंह, साहब लाल चौधरी, प्रीतम यादव ने कहा कि किसी तरह धान की रोपाई कर दिए अब बारिश नहीं होने और नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से धान की फसलों में दरारें पड़ गई है। सिंगरा मऊ क्षेत्र के नाभीपुर,भूला, कुमारपटी, करनपुर, हरिहरपुर, बछुआर, तुरकौली, कुसहा, बरैया आदि गांवों में रामगंज रजवाहा की नहर से सिंचाई की जाती है, लेकिन नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से धान की सिचाई को लेकर किसान चितिंत है। किसान धान की सिंचाई करने के लिए सूखी नहर की तरफ टकटकी लगाए हुए हैं। इन गांवों में सिचाई के लिए नहर मात्र आधार है। किसान शेषनाथ, बलराम, नन्हे, गिरिजा शंकर, गीता देवी, नंदलाल प्रजापति आदि किसानों ने संबंधित अधिकारियों से नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है। जिससे धान की फसल को सूखे से बचाया जा सके।